उचाना। रविवार को हरियाणा सरकार के एक और सुधार कार्यक्रम के परियोजना निदेशक रॉकी मित्तल ने उचाना शहर का दौरा कर सार्वजनिक स्थानों पर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। सबसे पहले वह हाईवे पर बने पीडब्लूडी रेस्ट हाउस पहुंचे। यहां से वह पुरानी मंडी गए। मार्केट कमेटी कार्यालय के बिल्कुल सामने बने शौचालय की जांच की तो उनमें पानी नहीं मिला। पास में बने वाटर कूलर को चलाकर देखा को पानी गर्म मिला। जहां वाटर कूलर रखा था, उसकी छत भी कंडम मिली। पुरानी मंडी में जो शौचालय हैं, अधिकांश में सफाई का बुरा हाल है। वार्ड नंबर छह, सात, बाजारों में भी सड़कों पर जगह-जगह गंदगी बिखरी मिली। घुमंतू पशु इस गंदगी में मुंह मारते नजर आए।
इसके बाद वह भौंगरा रोड पर बने जलघर, जिससे उचाना कलां एवं शहर के कुछ हिस्से में पानी की सप्लाई होती है पर पहुंचे। यहां दो जलघर में बने टैंकों का निरीक्षण किया तो उसमें गंदगी और गाद मिली। यहां पर कार्यरत कर्मचारी ने बताया कि 2012 के बाद यहां पर टैंकों की सफाई नहीं हुई है। इसके अंदर गाद, गंदगी जमी हुई है। साल में एक बार सफाई होनी जरूरी है। आसपास के गांवों में पानी की किल्लत के चलते यहां से पानी लेने के लिए भी ग्रामीण मोटरसाइकिल या ट्रैक्टर पर आते हैं।
उन्होंने कहा कि आज भी उचाना में पानी के हालात ऐसे हैं, जैसे पहले थे। महिलाएं मोटरसाइकिलों पर परिवार के सदस्यों के साथ पानी लेने आ रही हैं, तो बच्चे भी परिवार के सदस्यों के साथ ट्रैक्टरों पर पानी लेने आ रहे हैं, जिससे साफ है कि गांवों में पीने के पानी की किल्लत काफी है। ये बहुत चिंताजनक बात है कि आज के दौर में भी पानी की सप्लाई को लेकर यहां के लोग इतने परेशान हैं।
बिना फिल्टर पानी हो रहा सप्लाई
उचाना कलां में राजकीय स्कूल के पीछे जो जलघर है वहां से उचाना मंडी में पानी की सप्लाई होती है। मित्तल ने निरीक्षण किया तो पता चला कि यहां पर सबमर्सिबल के बिना फिल्टर किया पानी सप्लाई हो रहा है। यहां पर पानी की सप्लाई के लिए वॉल है, वाल के आसपास गंदा पानी भरा हुआ मिला, जिसमें मच्छर पनपे हुए थे। ये पानी भी वॉल के साथ सप्लाई में चला जाता है। जो सबमर्सिबल पंप था वह भी लीक है जिसकी वजह से आसपास पानी भर रहा है। यहां के कर्मचारी ने बताया कि बिना फिल्टर का पानी मंडी में चार लाइनों में अलग-अलग सप्लाई होता है। एक सिलिंडर यहां पर है, जिससे दवा पानी में मिलकर उसका टीडीएस ठीक करती है, लेकिन ये सिलिंडर भी एक महीने से बंद है। यहां पर सप्लाई के हिसाब से सिलिंडर चेंज होना चाहिए।
नहीं मिला मोबाइल टॉयलेट
नपा एरिया को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए कई महीने पहले यहां पर मोबाइल टॉयलेट नपा द्वारा शुरू किया गया था। इसको एक और सुधार कार्यक्रम परियोजना के निदेशक ने पता किया सचिव ने बताया कि जो मोबाइल टॉयलेट आया था वह एक साल के लिए फरीदाबाद से आया था। एक साल के बाद वह वापस चला गया। सफाई को लेकर भी शहर में विशेष ध्यान देने के लिए निर्देश दिए, ताकि शहर स्वच्छ नजर आए।
30 साल पहले था वैसा ही अब उचाना
रॉकी मित्तल ने कहा कि वो 30 साल पहले अपने भाई की शादी में बारात में उचाना आए थे। उस समय का जो उचाना था आज भी वही है। उचाना, नरवाना के लिए दुर्भाग्य है कि यहां के नेताओं ने लोगों के लिए कुछ नहीं किया, बल्कि अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए यहां राजनीति की है। उचाना के जलघरों में सफाई नहीं, पीने के लिए फिल्टर का पानी नहीं, सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। उपमंडल कार्यालय परिसर में सफाई व्यवस्था नहीं है तो नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों के पद रिक्त है। जिससे साफ है कि यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए यहां से राजनीति करने वाले प्रतिनिधि रुचि कम ले रहे हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके। वह इस तरह के औचक निरीक्षण भविष्य में भी करते रहेंगे। संबंधित विभागों के मंत्रियों को भी इस बारे में अवगत करवाएंगे ताकि सुधार इस व्यवस्था में हो सके।
एक जेई के जिम्म उचाना
एसडीओ सतीश ने बताया कि यहां पर चार जेई होने चाहिए, लेकिन एक के जिम्मे ही सारा काम है। जिससे काम प्रभावित हो रहा है। शहर में फिल्टर किया हुआ पानी सप्लाई करवाया जाएगा। 15 दिनों के अंदर जलघर की सफाई भी करवाई जाएगी। शहर के लोगों को स्वच्छ पानी पीने को मिले ये उनका उद्देश्य है
इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहे
जयभगवान, बलवान, सुखबीर, राजेंद्र, बलजीत ने कहा कि इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहने चाहिए। मित्तल को चाहिए कि वो इस तरह के औचक निरीक्षण शहर के साथ गांवों में भी करें। गांवों में पानी की सप्लाई कई-कई दिनों में होती है। इतना ही नहीं पानी में गंदगी आती है। पाइप लीक हैं तो सफाई का बुरा हाल है।