- भवन निर्माण के लिए 20 दुकानों को तोड़ने का किया जा रहा विचार
जींद।
नगर परिषद अधिकारी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट कार्यालय की जगह अपना नया कार्यालय बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए खाका भी तैयार कर लिया गया है। नप अधिकारियों की माने तो यहां आलीशान कार्यालय बनाया जाएगा, लेकिन नप कार्यालय निर्माण से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट में बनी 20 दुकानों पर भी तलवार लटक गई है। इन्हें कार्यालय निर्माण के चलते तोड़ा जा सकता है। कितनी दुकानों को तोड़ा जाएगा, अभी यह तय नहीं किया गया है। नप यहां सभी 20 दुकानों के अनुबंध पूरे होने पर उन्हें रिन्यू नहीं कर रहा है। इसके अलावा जिन दुकानों का अभी समय बकाया है, उन्हें भी नोटिस देकर उनकी किराया राशि लौटाने पर विचार चल रहा है। नप के इस फैसले से यहां वर्षों से अपनी दुकान चलाकर परिवार पालने वाले दुकानदार चिंतित हैं।
नगर परिषद का कार्यलय फिलहाल टाउन हॉल में है, जो बहुत पुराना है। कुछ कमरे जर्जर हालत में है। इसी कारण नप का नया भवन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट कार्यालय की जगह बनाने को मंजूरी दी गई। नप अधिकारियों ने नए कार्यालय के लिए नक्शा भी तैयार करवा लिया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी चल रही है।
नप कार्यालय नगर सुधार मंडल (इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट) के कार्यालय की जगह बनाया जाना है। जो कि जर्जर हालत में है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट की जगह करीब 20 दुकानें बनी हैं। नप अधिकारी कार्यालय के मुख्य गेट को चौड़ा और आकर्षक बनाने के लिए सामने की दुकानों को हटाने पर विचार कर रहा है। इसी कारण किसी भी दुकानदार से अनुबंध रिन्यू नहीं किया जा रहा। अनुबंध के लिए आने वाले सभी दुकानदारों को साफ इंकार किया जा रहा है।
लौटाई जा सकती है फीस
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट में किराये पर दुकान चलाने वाले कुछ दुकानदारों का पांच साल का अनुबंध पूरा हो गया है जबकि कुछ का होने वाला है। कुछ ऐसे दुकानदार भी है, जिनके दो से ढाई साल बकाया है। ऐसे में जिनका कार्यकाल समाप्त हो गया या होने वाला है, उनकी तो समस्या नहीं। जिनका ज्यादा समय बकाया है, उन्हें नोटिस देकर किराया राशि लौटाने पर विचार किया जा रहा है।
आसान नहीं है किराया और सिक्योरिटी लौटाना
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट के बाहर बनी करीब नौ से 10 दुकानों को बने तो 12-13 साल हो गए मगर साइड वाली दुकानें तीन साल पहले ही बनाई गई है। इनके निर्माण पर भी करीब 90 लाख रुपये का खर्च आया है। बताया जाता है कि इन दुकानदारों ने करीब 11-11 लाख रुपये पगड़ी के और करीब एक-एक लाख सिक्योरिटी के जमा करा रखे है। ऐसे में प्रत्येक दुकानदार को कम से कम 12 लाख रुपये लौटाने होंगे। पुराने दुकानदारों ने भी उस समय में करीब 50-50 हजार रुपये सिक्योरिटी के जमा करा रखे है।
दुकानदारों में रोष
नगर परिषद की ओर से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट की दुकानों का अनुबंध रिन्यू नहीं किए जाने और दुकानें तोड़नेे पर चल रहे विचार को लेकर रोष है। दुकानदारों का कहना है कि जो दुकानदार पांच से 10 साल से यहां अपनी दुकानदारी चला रहे हैं और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है वह कहां जाएंगे। नाम ना छापने की शर्त पर दुकानदारों ने कहा कि यह बहुत गलत फैसला है, वह कोर्ट जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
300 दुकानें, 50 दुकानदार नहीं दे रहे किराया
नगर परिषद की ओर से अपनी दुकानें पांच साल के लिए किराये पर दी जाती है। शहर में फिलहाल नगर परिषद की करीब तीन सौ दुकानें हैं। इनमें पालिका बाजार, पुरानी कचहरी रोड, तांगा चौक, पुरानी सब्जीमंडी, न्यू परशुराम मार्केट, रोहतक रोड, पुराना बस स्टैंड, मीट मार्केट, गोहाना रोड, नया बस स्टैंड, झांज गेट और पुरानी मंडी खोखा में है। यह दुकानें नगर परिषद की आय का एक स्त्रोत है। मगर इनमें करीब 20 दुकानदार ऐसे है, जो किराया नहीं दे रहे। इस बारे में भी कार्रवाई का विचार चल रहा है।