जींद के लोगों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना बुलेट ट्रेन की सौगात का जींद वासियों को भी फायदा होगा। यह रेलवे लाइन जींद से होकर गुजरेगी और जींद में भी स्टेशन बनेगा। इसके लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने जींद प्रशासन को पत्र लिखा है, जिसमें परियोजना में समन्वय के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है। इसके बाद डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने सीटीएम दर्शन यादव को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। अब परियोजना के लिए सर्वे का काम शुरू होगा।
देश की पहली बुलेट ट्रेन दौड़ाने के लिए मुंबई और अहमदाबाद के बीच बन रहे हाई स्पीड कॉरिडोर की तर्ज पर रेलवे ने देशभर में ऐसे छह और कॉरिडोर बनाने की तैयारी कर ली है। इनमें दिल्ली से अमृतसर तक का भी एक नया मार्ग शामिल है, जो चंडीगढ़, लुधियाना, जालंधर होते हुए अमृतसर तक पहुंचेगा।
इस मार्ग की कुल लंबाई 465 किलोमीटर होगी। रेलवे लाइन दिल्ली से शुरू होगी। इसके बाद आसौदा, रोहतक, जींद, कैथल, संगरूर, मलेरकोटला, लुधियाना, जालंधर व अमृतसर तक जाएगी। इस दौरान कुल 13 रेलवे स्टेशन बनेंगे। इसमें ट्रेन जींद शहर के पास से निकलेगी।
बुलेट ट्रेन 1435 मिलीमीटर गेज पर चलेगी। इसके सर्वे के लिए टेंडर हो चुका है। 50 लाख रुपये में कंपनी सर्वे का काम पूरा करेगी और इसके बाद निर्माण का काम शुरू होगा। दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर बुलेट ट्रेन के रूट से चंडीगढ़ से जोड़ने के लिए संगरूर से अलग लाइन बनाई जाएगी। इस लाइन पर कुल 13 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें दिल्ली, आसौदा, रोहतक, जींद, कैथल संगरूर, मलेरकोटला, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर। इसके अलावा सहायक लाइन पर पटियाला राजपुरा, चंडीगढ़ स्टेशन होंगे।
जींद का होगा बेहतर जुड़ाव
फिलहाल जींद जिला तीन मुख्य राजमार्गों से जुड़ रहा है। इसमें दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस हाईवे, जींद-सोनीपत ग्रीन फिल्ड हाईवे और कोठपुतली-शाहबाद हाईवे प्रमुख हैं। ऐसे में बुलेट ट्रेन से जुड़ने से जिले को काफी लाभ होगा। इससे आने वाले दिनों में जींद क्षेत्र को विकास के क्षेत्र में काफी मदद मिलेगी।
फिलहाल नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन की ओर से सर्वे के लिए संदेश आया है। यहां टीम की मदद के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। जींद जिला में होने वाले सभी कामों में यह अधिकारी कारपोरेशन के साथ समन्वय बनाएंगे।
- डॉ. आदित्य दहिया, डीसी
यह परियोजना काफी बड़ी है, ऐसे में इसके लिए काफी तैयारी करनी होंगी। फिलहाल सिर्फ सर्वे के लिए ही टेंडर हुआ है। इसके बाद रेलवे लाइन बनाने का काम शुरू होगा। सर्वे के आधार पर ही रेलवे लाइन की कीमत तय होगी।
- पुनीत अग्रवाल, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन