30जेएनडी27: पिंडारा गांव के राजकीय स्कूल का कंडम भवन। संवाद
जींद। जींद ब्लॉक के दो सरकारी स्कूलों में 12 कमरे कंडम घोषित किए गए हैं। इसमें से छह कमरे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अहिरका और छह कमरे राजकीय हाई स्कूल पांडू पिंडारा में हैं।
इसके चलते इन स्कूलों में पर्याप्त कमरे न होने के कारण विद्यार्थियों को दूसरी कक्षाओं में बैठाया जा रहा है जिससे एक कक्ष में विद्यार्थियों की संख्या अधिक हो जाती है और विद्यार्थियों को भीड़ में बैठना पड़ता है। वहीं अहिरका के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की कंडम बिल्डिंग की बोली पांच अगस्त को होगी। इसके बाद इसे गिराया जाएगा और उसकी जगह नए कमरे बनने में समय लगेगा।
अहिरका के रावमावि का रिपोर्ट कार्ड
इस स्कूल में अध्यापकों की संख्या 15 हैं। अध्यापक पद के लिए कोई रिक्त पद नहीं है। स्कूल में 15 शौचालय हैं। इनमें नौ लड़कियों के लिए हैं। पानी की टंकी की बेहतर व्यवस्था है।
राजकीय हाई स्कूल पांडू पिंडारा का रिपोर्ट कार्ड
इस स्कूल में अध्यापकों की संख्या 15 हैं। दो पद रिक्त हैं। स्कूल में छह शौचालय हैं। चार लड़कों के लिए और दो लड़कियों के लिए। अचीवमेंट नहीं है।
कंडम भवनों से गिर रहा मलबा
दोनों स्कूलों के
कंडम भवन की छतों का मलबा आए दिन टूटकर गिरता रहता है। हालाकिं इन कमरों में कोई कक्षा नहीं लगती है लेकिन डर रहता है कि कोई बच्चा कंडम भवन की तरफ न चला जाए। एक सप्ताह पहले आई बारिश में भी मलबा गिरा था। इसके चलते अब कंडम भवनों की बोली करवाई जा रही है।
इन कमरों में गंदगी से मच्छरों व सांप का डर
स्कूल के इन कंडम कमरों में काफी सामान भरा हुआ है। यहां बरसात के दौरान छत से मलबा व पानी भी आता है। इसके कारण यहां पर मच्छर पैदा होते हैं। इस तरह के कंडम भवनों में सांप का भी डर बना रहता है।
वर्जन
स्कूल के भवन कंडम घोषित हुए हैं। इसके कारण बच्चों को साथ लगते भवन के कमरों में बैठाया जा रहा है। जल्द ही इन कंडम भवनों को गिरवाकर दोबारा से कमरे बनवाए जाएंगे। फिलहाल साथ लगते कमरों में बच्चों को शिफ्ट किया गया है।
-सुरेंद्र गौड़, प्राचार्य, अहिरका स्कूल
वर्जन
जींद में अहिरका व पिंडारा गांव के स्कूलों के 12 कमरे कंडम घोषित किए गए हैं। इनको जल्दी ही गिरवाया जाएगा। इसके अलावा जिले के अन्य कंडम स्कूलों की जानकारी के लिए समग्र शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी लगाई है। जल्द ही उनकी तरफ से रिपोर्ट मिलने पर अन्य स्कूलों का सुधार किया जाएगा।
डॉ. सुभाष वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी जींद।