बिजली निगम को साढ़े छह करोड़ का चूना लगाने वाला ठेकेदार गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बिजली निगम को साढ़े छह करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले ठेकेदार को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस मामले में बिजली निगम के किन-किन अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत है, इसका भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
अक्तूबर 2018 को बिजली निगम ऑपरेशन सर्कल के अधीक्षक अभियंता राजीव राय ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि बिजली निगम ने मैसर्ज दूहन इलेक्ट्रिकल कंपनी को जींद सर्कल में पोल, स्ट्रीट लाइट व अन्य बिजली से संबंधित कार्य का ठेका दिया था। कंपनी मालिक हिसार जिले के गांव कुंवारी निवासी कुलदीप ने बिजली निगम कर्मचारियों तथा अधिकारियों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया। इसके तहत ऐसे कार्यों के भी बिल पास करवाए गए, जो हुए ही नहीं। बिजली निगम को इससे छह करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। इसकी जांच बिजली निगम अधिकारियों द्वारा की गई। जांच में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ा पाया गया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता राजीव राय की शिकायत पर बिजली निगम ठेका फर्म के कुलदीप को नामजद कर बिजली निगम कर्मचारियों तथा अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी कागजातों का सहारा लेने तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने अब कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया मंगलवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने ठेकेदार कुलदीप को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए। मामले की जांच अधिकारी डीएसपी दलीप सिंह ने कहा कि पुलिस ने आरोपी को चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस रिमांड के दौरान इस मामले में ठेकेदार के साथ मिलीभगत करने वाले निगम अधिकारियों व कर्मचारियों का पता लगाएगी।
बिजली निगम के कई अधिकारी भी शक के घेरे में
इस मामले में बिजली निगम के कई अधिकारी व कर्मचारी भी शक के घेरे में हैं। दरअसल ठेकेदार को जिला के 33 फीडर का बायरफिकेशन करना था। इसके लिए बिजली निगम ने प्रदेश स्तर पर टेंडर जारी किए थे। आरोप है कि इस काम में ठेकेदार ने बिना सामान लगाए ही बिल पास करवा लिए। ऐसे में बिजली निगम के अधिकारी भी शक के घेरे में हैं कि बिना काम किए ही ठेकेदार के बिलों का भुगतान कैसे कर दिया। इस मामले में बिजली निगम के एसई श्यामवीर सैनी का कहना है कि कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका की विभागीय जांच चल रही है। पुलिस भी इस मामले की जांच करेगी। जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।