लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को तोड़ रही मोदी सरकार : कुमारी सैलजा
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। मोदी सरकार लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को तोड़ने का काम कर रही है। यह बात वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने कही। वह बुधवार को नगर की पुरानी अनाज मंडी में पूर्व पालिका प्रधान राकेश जैन के निवास पर पत्रकारों से बात कर रही थीं। उन्होंने कहा कि सरकार की साजिश व दबाव से सीबीआई और मीडिया जैसी स्वतंत्र संस्थाएं भी अछूती नहीं है। भाजपा सरकार सीबीआई को भी अपने इशारे पर नचा रही है और उसका गलत प्रयोग करके अपने राजनीतिक विरोधियों को परेशान कर रही है। सरकार द्वारा धर्म व जात के नाम राजनीति करके दहशत का माहौल पैदा किया जा रहा है।
जींद उपचुनाव में नामांकन के दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की कांटा निकालने की चुटकी के प्रश्न पर सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कोई कांटा नहीं। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा अपने कांटे की चिंता करें। दरअसल रामबिलास शर्मा अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए निशाना कहीं ओर लगा रहे थे और कह कहीं ओर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता एक है। जींद उपचुनावों में सभी नेताओं ने एकता का परिचय देते हुए पार्टी प्रत्याशी रणदीप सिंह सुरजेवाला के लिए कड़ी मेहनत की है। रणदीप सुरजेवाला भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे पांच साल के दौरान भाजपा की मनोहर सरकार टूटने के कगार पर रही है। इस सरकार से जनता की नहीं उनके मंत्री और विधायक नाराज हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के एक सांसद ने तो भाजपा में रहते हुए अपनी अलग से पार्टी बना ली है। जींद उपचुनाव में तो अपना उम्मीदवार तक खड़ा कर दिया, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जेजीपी और इनेलो के बीच के कलह पर उन्होंने कहा कि यह उनका घरेलू और आंतरिक मामला है। इससे कांग्रेस पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। इतना जरूर है कि जेजीपी और इनेलो मसले को खुद निपटा लेंगे तो ठीक होगा अन्यथा ये दोनों खुद पूरी तरह से निपट जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश के विका और युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरी देने की बात अब याद आई है, जब चुनाव के दो-तीन महीने बचे हैं। इस मौके पर कांग्रेस नेता कर्मबीर सैनी, पीडीएम ग्रुप के निरीक्षक प्रीतपाल एडवोकेट, सुभाष जैन, गुलाब सिंह, रामेश्वर दास गुप्ता, साधूराम बंधू मौजूद रहे।