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नरवाना पहुंचे स्वर्ण पदक विजेता मनजीत चहल

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मां से लिपटकर खूब रोये मनजीत, समर्पित किया गोल्ड मेडल
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अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। एशियन गेम्स की 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाले मनजीत चहल वीरवार दोपहर बाद नरवाना अपने घर पहुंचे। इस दौरान मनजीत ने अपने बेटे प्यार कर सफर की थकान उतारी। घर पहुंचने पर मनजीत की मां ने अपने बेटे की बदौलत मिली प्रसिद्धि पर कहा कि ‘मेरे लाल मन्नै तू नीं, तन्नैं मैं जण दी’। इस पर करीब सात माह बाद घर आए मनजीत चहल अपनी भावनाओं को नहीं रोक पाए और मां बिमला देवी से लिपटकर खूब रोए।
इससे पहले जींद जिला की सीमा में प्रवेश करते ही डीसी अमित खत्री द्वारा उनका स्वागत किया गया। इसके बाद जुलाना से लेकर नरवाना तक लोग अपने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी के स्वागत के लिए पलकें बिछाए खड़े रहे। जहां-जहां से भी मनजीत चहल का काफिला निगला, लोगों ने उनका स्वागत किया। नरवाना में बाइक और कारों के काफिलों के साथ उन्हें घर तक ले जाया गया। उनकी इंतजार में लोग दोपहर से ही हरियल चौक पर जमा रहे। करीब तीन घंटों की इंतजार के बाद मनजीत नरवाना पहुंचे। उनको देखकर युवाओं में जोश भर गया। भारत माता और मनजीत के पक्ष में गगनभेदी नारे लगाए। मनजीत का स्वागत जुलूस जहां से निकला हजारों नागरिकों ने उनको पलकों पर बिठाकर स्वागत किया। स्वागत जुलूस हरियल चौक से शुरू होकर कैनाल रोड, रेलवे स्टेशन, अग्रसेन चौक, सुभाष चौक, भगत सिंह चौक होते हुए बाबा गैबी साहिब पहुंचा। बाबा गैबी साहिब में उन्होंने अपने परिवार के साथ मिलकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह अपने घर पहुंचे और मां से लिपटकर खुशियां बांटी। हर चौक पर शहर की सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संस्थाओं ने उनका नोटों की मालाओं और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया और ओलंपिक गेम्स के लिए शुभकामनाएं दी।
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मां को समर्पित किया गोल्ड मेडल
चार घंटों की इंतजार के बाद मनजीत अपने घर पहुंचे। इससे पूर्व घर की महिलाओं ने उनकी आरती उतारने की तैयारियां की हुई थीं। मां को देखते ही वह अपने को रोक नहीं सका और मां से लिपटकर खूब खुशी के आंसू बहाए। बाद में उन्होंने अपनी मां को गोल्ड मेडल समर्पित किया। उन्होंने कहा कि वह आज जहां पहुंचा है वहां पहुंचाने में मां और पिता रणधीर सिंह का अहम योगदान रहा है।
बेटे को लड़ाए लाड़
मनजीत अपने साढ़े चार माह के बेटे अबीर से पहली बार मिले। मनजीत पिछले सात माह से घर से बाहर था। मनजीत ने अपने बेटे को पहली बार देखा और खूब प्यार किया। मनजीत ने बेटे अबीर के साथ समय बिताकर अपनी थकान मिटाई।
मनजीत का युवाओं को संदेश, पढ़ाई के साथ खेल भी अपनाएं
इस दौरान मनजीत चहल ने कहा कि उनकी जीत का श्रेय वे देश की जनता को देते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को पढ़ाई के साथ खेलों पर भी ध्यान देना चाहिए। कोई भी एक खेल अपनाकर युवा अपना भविष्य संवार सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में युवाओं के लिए खूब अवसर हैं।
बराला को करना पड़ा तीन घंटे इंतजार
मनजीत चहल से मुलाकात के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला को भी तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। बराला करीब दो बजे नरवाना पहुंच गए थे, लेकिन रास्तेभर हुए स्वागत के कारण मनजीत चहल करीब शाम पांच बजे नरवाना पहुंचे। इसके बाद बराला ने उनसे मुलाकात की।
सुरजेवाला भवन में किया स्वागत
कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के निर्देशानुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनजीत चहल का सुरजेवाला भवन के सामने स्वागत किया। बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। लोगों ने लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर जगरूप सिंह सुरजेवाला, एडवोकेट सुशील कौशिक, अनिल आर्य, विद्या रानी दनौदा, सतबीर दबलैन, डॉ. मनोज नैन, राजपाल बनवाला, कर्मबीर सैनी, प्रवीण शर्मा, रामपाल उझाना, सज्जन सिंगला, मास्टर मनीराम, राजू पार्षद, रामफल नैन, मेवा सिंह धीमान व धूप सिंह नैन अमरगढ़ मौजूद रहे।
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हर पार्टी के नेताओं ने कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
मनजीत चहल के स्वागत में कोई भी नेता पीछे नहीं रहा। भाजपा के प्रांतीय अध्यक्ष सुभाष बराला उनके घर पहुंचे और परिजनों को बधाई दी। हलका विधायक पिरथी सिंह नंबरदार, सुदेश चोपड़ा, देशराज माटा, हंसराज समैन, भारत भूषण गर्ग, ईश्वर गोयल, अचल मित्तल सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपने अपने तरीकों से स्वागत किया।
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