प्रशासन की लापरवाही से भीगा गेहूं, दिल्ली के व्यापारी को कर दिया सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना । प्रदेश का किसान बेशक कड़ी मेहनत कर देश की भूख मिटाने के लिए काम करता है, लेकिन सरकार व प्रशासन की बेकद्री के चलते स्टोर किया गया गेहूं बारिश में भीग रहा है। प्रशासन की लापरवाही के चलते भीगने वाले गेहूं में कुछ लोग गड़बड़ झाले की ओर भी इशारा कर रहे हैं। ऐसा ही मामला जुलाना में सामने आया है। यहां खुले आसमान के नीचे जमीन पर रखा हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। हैरानी की बात यह है कि भीगे हुए गेहूं को सुखाने के बजाय रेलगाड़ी में लोड किया जा रहा है। अब यह गेहूं जब तक लोगों को मिलेगा, इसकी गुणवत्ता खराब हो चुकी होगी।
जुलाना के जींद-रोहतक पर ब्राहमणवास गांव के पास बने गोदामों में शनिवार को हुई बारिश से हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। एफसीआई द्वारा स्टॉक किया हुआ हजारों क्विंटल गेहूं को स्टोर करने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस गेहूं को किसी प्रकार का तिरपाल या अन्य किसी सुरक्षा कवच से कवर नहीं किया गया है। शनिवार को जुलाना के इन गोदामों के बाहर काफी संख्या में वाहन खड़े थे। गोदाम में खुले आसमान के नीचे पड़े इसी भीगे और खराब गेहूं को ट्रकों में लादा जा रहा था। यहां कच्ची जमीन पर ही सारा गेहूं जमीन पर बिखरा हुआ नजर आया। ऐसे में साफ है संबंधित विभाग की मिलीभगत के चलते गेहूं को खुले आसमान के नीचे छोड़ा हुआ है, ताकि भीगा हुआ गेहूं ट्रकों में लोड कर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सके। प्रशासन को कर्मचारियों के बार-बार कहने पर भी लोडिंग का काम नहीं रुकवाया गया और लेबर बरसात के दौरान भी गाड़ियों में गेहूं को लोड करते रहे।
रात से ही चल रही है बारिश
क्षेत्र में शुक्रवार रात से ही बारिश हो रही है। रात करीब एक बजे से ही जोरदार बारिश हुई और सुबह भी बारिश के बीच ही ट्रकों में गेहूं लोड होता रहा। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं गया। शनिवार को सुबह सूचना पाकर गुप्तचर विभाग और मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे और गेहूं के बारे में जानकारी लेनी चाही तो मौके पर मौजूद एफसीआई के अधिकारी ने बताया कि यह गेहूं ट्रेन में लोड होना है और स्पेशल को नहीं रोका जा सकता। विभाग को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन उच्च अधिकारियों ने लोडिंग का काम बंद करने से मना कर दिया है।
दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी ने गेहूं को खरीदा है। यह स्पेशल ट्रेन द्वारा भेजा जा रहा है। उच्च अधिकारियों को गेहूं की हालत के बारे में बता दिया गया है, लेकिन उच्च अधिरियों नेे लोडिंग का काम रुकवाने से साफ मना कर दिया है।
संदीप, निरीक्षक एफसीआई जुलाना।
एक माह पहले पिल्लूखेड़ में भी भीगा था गेहूं
करीब एक माह पहले आई बारिश में पिल्लूखेड़ा के हैफेड गोदाम में भी गेहूं भीगने का मामला सामने आया था। इस दौरान बारिश के बीच ही कर्मचारी तिरपाल को हटा रहे थे। इस मामले में भी अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर खानी की थी। अब देखना होगा इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।