इस वर्ष जिले में अब तक हुए विभिन्न सड़क हादसों में 100 लोग की मौत हो चुकी है। अकेले जींद-हांसी रोड पर स्थित गांव ईक्कस व गुलकनी के बीच 20 लोगों की जान जा चुकी है। सबसे भयानक सड़क हादसा 24 सितंबर रात को हुआ था। जिसमें ऑटो सवार दस युवकों की मौत हो गई थी। इस सड़क हादसे को अभी तक लोग भूले भी नहीं थे कि पांच नवंबर की रात को हुए सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। अधिकतर लापरवाही के कारण या जल्दबादी के कारण हादसे हुए हैं। इस प्रकार के सड़क हादसों से बचने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है।
वर्ष 2019 की शुरुआत ही इस बार सड़क हादसों से हुई थी नववर्ष की रात में रोहतक रोड पर एक ट्रक ने स्कूटी पर जा रहे मामा-भांजे को कुचल दिया था। जिसमें 34 वर्षीय विपिन गोयल तथा 22 वर्षीय अंकित की मौत हो गई थी। वहीं इसी रात को नरवाना में नेशनल हाईवे पर सुंदरपुरा गांव के पास क्रूजर और कार की टक्कर हो गई थी, जिसमें हिसार निवासी 29 वर्षीय कृष्ण की मौत हो गई थी, जबकि 18 अन्य लोग घायल हो गए थे। इसी प्रकार 10 जनवरी को दनौदा गांव के पास बाइक सवार हिसार निवासी अमित तथा दनौदा निवासी प्रदीप की मौत हो गई थी। 12 जनवरी को जींद-हांसी मार्ग पर रामराय गांव के पास एक सहकारी परिवहन समिति की बस ने कार को टक्कर मार दी थी, जिसमें जींद निवासी सहायक एक्सईएन गौरव सिंगला तथा एसडीओ वीरेंद्र गोयत की मौत हो गई थी। दोनों खेदड़ स्थित पावर प्लांट में कार्यरत थे। 13 जनवरी को गांव करसिंधु के बीच आमने-सामने दो बाइकों की टक्कर में खरकभूरा निवासी अंकित तथा छात्तर गांव निवासी नन्हू की मौत हो गई थी।
14 जनवरी को सफीदों में ट्रक ने कार को टक्कर मार दी थी, जिसमें कार, उसके आगे चल रहे तीन बाइक सवारों को रौंदती हुई निकल गई थी। इसमें गांव आदियाना निवासी मीना की मौत हो गई थी, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 15 जनवरी रात को उचाना कलां के पास कार ने बाइक को टक्कर मारी थी। इसमें बाइक सवार उदयपुर निवासी जसवंत की मौत हुई थी। 16 जनवरी को गांव राजपुरा भैण के नजदीक कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी। इसमें आठवीं कक्षा की छात्रा गांव रामराये निवासी रिया की मौत हो गई थी।
नरवाना में हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर बीच सड़क में खड़े ट्रक से रोडवेज की बस टकरा गई थी। इसमें ट्रक को ठीक कर रहे 50 वर्षीय बिहार के बेगुसराय निवासी विनोद तथा उसके परिचालक पंकज की मौत हो गई थी। 28 जनवरी को तलोडा गांव के पास ट्रक ने कार में टक्कर मारी थी। इसमें अर्बन इस्टेट निवासी 25 वर्षीय सुनील की मौत हो गई थी। अकेले जनवरी में 12 लोगों की मौत हुई थी।
24 सितंबर के हादसे को भूल नहीं पा रहे लोग
24 सितंबर रात को गांव ईक्कस व रामराये गांव के पास हिसार में हुई आर्मी भर्ती से लौट रहे ऑटो सवार 11 युवकों को ट्रक ने कुचल दिया था। इसमें दस युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी तो एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। अब कभी जब भी इस हादसे की बात आती है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए सभी युवकों की आयु 19 व 21 वर्ष के बीच थी। इसमें तीन परिवारों के तो चिराग ही बुझ गए थे।
यातायात नियमों का करें पालन : डीएसपी
डीएसपी पुष्पा खत्री ने कहा कि लापरवाही व जल्दबाजी के कारण लोग यातायात नियमों का पालन नहीं करते और सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। इस प्रकार के सड़क हादसों से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन करना चाहिए तथा जल्दबाजी से बचना चाहिए। रात के समय डिपर व कोहरे के समय फॉग लाइट का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।