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आसौदा रेलवे स्टेशन पर युवक की गोलियां मारकर हत्या

Sat, 18 Mar 2017 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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आसौदा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की सुबह ड्यूटी पर जा रहे एक युवक को गोलियां मारकर हत्या कर दी। स्टेशन पर ट्रेन आते ही बाइकों पर सवार होकर आए तीन से ज्यादा लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तीन नामजद समेत कई लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद वारिसों के हवाले कर दिया गया। यह वारदात पुरानी रंजिश के चलते हुई है। इसके बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
आसौदा टोडराण का रहने वाला मनीष (23) दिल्ली एमसीडी में नौकरी करता था। दो महीने पहले ही उसकी एमसीडी में नौकरी लगी थी। रोजाना की तरह वह शुक्रवार को भी ड्यूटी पर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था। जैसे ही प्लेटफार्म की ओर बढ़ा तो इसी बीच हमलावरों ने उसे निशाना बनाकर गोलियां बरसा दी। मनीष को चार गोली लगी। उसे अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मनीष को दो गोली सीने में और दो कमर में लगी। सभी आर-पार हो गई। घटना का पता लगते ही आसौदा चौकी और रेलवे पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की गई। मृतक के भाई रवि के बयान पर पुलिस ने गांव के ही तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें विकास, सचिन, अमित व अन्य शामिल हैं।
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रंजिश में हुई हत्या
जीआरपी एसएचओ रणबीर सिंह ने बताया कि गांव में करीब डेढ़ साल पहले हुई हत्या के मामले में मृतक मनीष के परिवार के सदस्य रोहित और मोहित जेल में बंद हैं। दोनों पर उसी हत्याकांड में गवाह सुरेश पर जानलेवा हमला करने का भी आरोप है। इसी रंजिश के चलते शुक्रवार को सुरेश पक्ष के लोगों ने रोहित के चचेरे भाई मनीष की हत्या कर दी।

दो महीने पहले ही संभाली थी मनीष ने घर की जिम्मेदारी
बहादुरगढ़।
मनीष ने अभी परिवार की जिम्मेदारी संभाली ही थी कि वह हमलावरों का शिकार हो गया। आसौदा रेलवे स्टेशन पर हुए मनीष के मर्डर से उसके गांव आसौदा में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तो आसपड़ोस के लोग भी दुखी हैं। कुछ समय पहले ही उसके पिता की भी मौत हो गई थी।
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आसौदा टोडराण का निवासी करीब 23 वर्षीय मनीष दिल्ली में एमएसीडी में कार्यरत था। दरअसल, कुछ समय पहले उसके पिता की ह्दयाघात से मृत्यु हो गई थी। पिता के स्थान पर ही मनीष की एमसीडी में नौकरी लगी थी। लगभग दो महीने पहले ही उसने नौकरी ज्वाइन की थी। गांव में उसका व्यवहार भी अच्छा बताया जाता था। सब कुछ ठीकठाक चल रहा था। रोजाना की तरह हंसीखुशी नौकरी पर जाने के लिए वह घर से निकला। दिल्ली जाने के लिए वह गाड़ी पकड़ने के लिए आसौदा रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। मगर उसे क्या पता था कि कोई अनहोनी उसका इंतजार कर रही है।
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