सावन के महीने में शिवभक्त जहां हरिद्वार से कांवड़ यात्रा लाकर भगवान शिव को प्रसन्न करके मनोकामना करते हैं। इस बार सावन में आंदोलनरत किसानों ने कांवड़ यात्रा करने की पहल की है। वीरवार को बेरी क्षेत्र के गांव दूबलधन के किसान गांव मिट्टी व जल लेकर सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे। सिंघु बॉर्डर पर पहुंचने पर युवा किसानों का स्वागत किया गया।
दूबलधन कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किसान यूनियन की जिला अध्यक्ष ममता कादयान बाघपुर ने किया। युवा किसानों ने जिला अध्यक्ष ममता कादयान को पगड़ी बांधकर व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कांवड़ यात्रा बेरी मेें पहुंचने पर अनाज मंडी के प्रधान तेजबीर ठेकेदार ने कांवड़ का स्वागत किया और युवा किसानों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने बताया कि किसानों की कांवड़ यात्रा जिस भी गांव से निकल रही थी, वहीं कांवड़ यात्रा को किसानों का समर्थन मिल रहा था। इस यात्रा के दौरान किसान आंदोलन व देशभक्ति से संबंधित गीत बजाए जा रहे थे। जिला अध्यक्ष ममता कादयान ने कहा कि सरकार की तरफ से लागू किए गए कृषि कानून पूरी तरह से किसान व मजदूर विरोधी हैं और ये तीनों कानून बड़े-बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का एक षडयंत्र है। सरकार ने कॉरपोरेट घरानों के हितों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से कृषि कानूनों को पास किया है।