झज्जर। गेहूं की बिजाई के लिए जिले के किसानों को एक लाख डीएपी बैग की आवश्यकता है लेकिन विभाग के दावे फेल हो रहे हैं। सरसों की बिजाई से लेकर अब तक मात्र 6 हजार एमटी डीएपी खाद जिले में पहुंचा है।
पहले सरसों की बिजाई को लेकर किसानों को डीएपी की किल्लत का सामना करना पड़ा। इस कारण सरसों की बिजाई का रकबा काफी कम बचा रह गया। अब गेहूं की बिजाई के दौरान भी डीएपी की किल्लत से जिले के किसानों को परेशानी को समाना करना पड़ रहा है। वहीं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग किसानों को डीएपी की कमी न रहने के दावा कर रहा है और अपनी पीठ थपथपा रहा है।
कृषि अधिकारियों ने बताया डीएपी के 8 हजार बैग भिवानी में लगने वाले रैक से जिले में वीरवार को पहुंचना था, लेकिन पहले यूरिया का रैक लग गया है जिसके चलते झज्जर को अब 4000 बैग यूरिया के मिल सकेंगे। डीएपी खाद भी साथ-साथ मिलेगा। इस कारण किसान निजी व सरकारी केंद्रों के दिनभर पर चक्कर लगाते रहे हैं। फिलहाल गेहूं की पछेती बिजाई चल रही है लेकिन डीएपी की किल्लत बनी हुई है। पिछले दिनों सरसों की बिजाई के दौरान डीएपी को लेकर मारामारी रही और पुलिस के पहरे में डीएपी खाद का वितरण करवाया गया।
वर्जन
भिवानी में लगने वाले रैक से 4000 बैग यूरिया व डीएपी खाद का मिल जाएगा। झज्जर के किसानों के लिए यूरिया व डीएपी खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी। डीएपी से पहले यूरिया का रैक लगने से पहले यूरिया व डीएपी दोनों मिलेंगे।
- डॉ जसवीर सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।