बादली के तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि सीएचसी में सामान्य चिकित्सा, प्रसूति और स्त्री रोग जैसी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं तो मिल रही हैं लेकिन ट्रॉमा सेंटर नहीं होने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छारा सहित कई अन्य सीएससी में ट्रॉमा सेंटर शुरू हो गया है लेकिन बादली के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप है। ज्ञापन सौंपने होशियार सिंह गुलिया के साथ माजरा गांव के सरपंच धर्मवीर, सुखबीर, राजेंद्र, शैलेश, मैनपाल, बलबीर नंबरदार अजीत सिंह, कृष्ण चंद्र सहित विभिन्न गांव के सरपंच मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने दिया तर्क
-कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त को मिलेगी मदद
- क्षेत्र के करीब 100 ईंट भट्ठों के श्रमिकों के लिए लाभदायक
- सीएचसी में पोटा कैबिन भेजने के बाद भी सुविधाओं का शुरू में न होना
-एक साल पहले भेजी गई मशीनों और बैटरी को वापस छारा सीएससी में भेजना गलत
यह थी योजना
मार्च 2025 में तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में चार अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर बनाए जाने की योजना पर काम शुरू किया गया जिसमें मातनहेल, बादली, बेरी और डीघल सीएचसी का चयन हुया। ट्रॉमा सेंटर में उपकरणों के लिए स्वास्थ्य विभाग 1.60 करोड़ रुपये खर्च करना था। इसका पत्र मुख्यालय की तरफ से सिविल सर्जन को जारी कर दिया गया लेकिन बादली में अभी तक ट्रॉमा सेंटर की शुरुआत नहीं हो सकी है।