झज्जर। सरकार ने आमजन के चलने के लिए सड़क के साथ-साथ फुटपाथ बनाए ताकि कोई हादसा न हो सके। लेकिन लोगों ने पहले अतिक्रमण करके और अब अपने वाहन खड़ा करके फुटपाथ ही खत्म कर दिए हैं। मजबूरन लोगों को सड़कों के साथ-साथ चलना पड़ता है। इस कारण आए दिन हादसे भी होते रहते हैं। झज्जर शहर में भी यही हालात हैं।
शहर के फुटपाथ पर दुकानदारों का अतिक्रमण तो है ही, साथ ही चालक भी अपने वाहन खड़ा कर देते हैं। इस कारण आवागमन में लोगों को परेशानी होती है। इन वाहनों के कारण जाम की समस्या पूरा दिन शहर में बनी रहती है। शहर के अंदर के मुख्य मार्गों पर यह समस्या और ज्यादा विकराल बनी हुई है। शहर के रेडक्रास कार्यालय से लेकर सिविल अस्पताल, भगत सिंह चौक की स्थिति भी ऐसी है। इ
भगत सिंह चौक से छिकारा चौक, पुराना बर्फखाना रोड, पुराना बस अड्डा रोड, आंबेडकर चौक से बीकानेर चौक, यादव धर्मशाला से सिलानी गेट और राव तुलाराम चौक, राव तुलाराम चौक से लघु सचिवालय और बादली रोड, सिलानी गेट से कुलदीप चौक की हालत ऐसी ही है। यहां चालक वाहनों को किसी सुरक्षित स्थान या पार्किंग में खड़ा करने की बजाय फुटपाथ पर खड़ा करके सामान लेने चले जाते हैं औंर घंटों गायब रहते हैं।
यादव धर्मशाला से राव तुलाराम चौक, छिकारा चौक से दादरी रोड तक वाहन रिपेयरिंग दुकानदार अपने वाहन फुटपाथ पर खड़ा कर देते हैं, जिस कारण हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।
पुलिस काट रही नो पार्किंग के चालान, फिर भी समस्या का हल नहीं
शहर में फुटपाथ पर खडे़ वाहनों के यातायात पुलिस नो पार्किंग के चालान करती है। उसके बावजूद वाहन चालक मानने को तैयार नहीं है। इससे हर समय मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार तो वाहन चालकों के बीच ही वाहन हटाने को लेकर झड़प हो जाती है।
चालक अपने वाहनों को दुकानों के आगे छोड़कर कई-कई देर तक चले जाते हैं। इससे दुकानदारी तो प्रभावित होती ही है, साथ ही सड़क पर जाम लग जाता है। इस तरफ पुलिस प्रशासन को ध्यान देना चाहिए कि फुटपाथ पर वाहन खड़े न हों।
- सतपाल सैनी, व्यापारी
फुटपाथ को आम जनता के लिए चलने के लिए बनाया गया है। उस पर ही वाहन खड़े होने लगे हैं। ऐसे में आम आदमी सड़क पर चलने को मजबूर है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि फुटपाथ पर खड़े होने वाले वाहनों के नो पार्किंग के चालान किए जाएं, जिससे आम जनता और व्यापारियों को राहत मिले।
- मनोज गर्ग, व्यापारी