किसी तरह से उसे कार से बाहर निकालकर झज्जर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले के जांच अधिकारी राजेश ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई में रखवाया गया है। फिलहाल सड़क दुर्घटना मानते हुए कार्रवाई शुरू की गई है। परिजनों को भी घटना से अवगत करवाया गया है।
कार क्षतिग्रस्त होने से नहीं खुली खिड़की
दुर्घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कार पहले पेड़ से टकराई जिसके चलते कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। देखते ही देखते कार में आग लग गई और लपटे निकलनी शुरू हो गई है। ऐसे में क्षतिग्रस्त कार की खिड़की नहीं खुल गई और चालक संजय को बाहर नहीं निकाला जा सका। कार की लपटे तेज होने के चलते कार के नजदीक जाना भी आसान नहीं रहा और बचाव नहीं हो सका।
मिलनसार छवि रही पहचान
प्राध्यापक संजय मलिक ईस्माइलपुर गांव के राजकीय विद्यालय में राजनीतिक विज्ञान के प्राध्यापक थे। स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि काफी मिलनसार छवि के संजय मलिक की दुर्घटना में मौत से काफी दुख पहुंचा है। सूचना मिलते ही प्राध्यापक झज्जर अस्पताल पहुंचे लेकिन जब तक संजय मलिक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।