मनरेगा के तहत गांव सौंधी में कार्यरत दो मजदूरों पर सोमवार को मिट्टी का तोंदा गिरने से उनकी मौत हो गई। मृतक मजदूरों में एक महिला और पुरुष श्रमिक शामिल हैं। दोनों गांव सौंधी के निवासी थे।
गांव में गलियों के निर्माण के दौरान मिट्टी भरान का काम मनरेगा के तहत कराया जा रहा था। विभाग ने इस काम में 80 मजदूर लगा रखे थे। सोमवार की दोपहर के समय काम करने के दौरान करीब दस से पंद्रह फीट की ऊंचाई से एक मिट्टी का तोंदा गिरा। एक महिला मजदूर सहित दो मजदूर उसके नीचे दब गए।
हादसे के तुरंत बाद मिट्टी के नीचे दबे योगेश को उसके साथियों ने तुरंत निकाल लिया और उसे झज्जर अस्पताल भी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला मजदूर पुष्पा को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन मिट्टी इतनी अधिक थी कि उसे हटाने के लिए जेसीबी मशीन से खुदाई करनी पड़ी। तब कहीं जाकर पुष्पा को बाहर निकाला जा सका लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
क्या कहते हैं पंचायत अधिकारी
बीडीपीओ आशीष मान ने कहा कि मनरेगा के तहत गांव सौंधी में गली के निर्माण के दौरान मिट्टी भरने का काम चल रहा था। 80 मजदूर विभाग ने लगा रखे थे। रविवार को विभाग के एक कर्मचारी ने इन्हें आगे गहराई में मिट्टी की खुदाई करने से मना भी किया था। उसके बावजूद मजदूर मिट्टी की खुदाई का काम करते रहे। यही वजह हादसे का मुख्य कारण रही। मनरेगा के तहत नियमों की पूरी जानकारी लेने के बाद मृतकों के परिवार जनों की हरसंभव मदद की जाएगी।