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आज किसान उपायुक्त कार्यालयों के बाहर करेंगे प्रदर्शन

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बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों का टीकरी बॉर्डर पर धरना बुधवार को भी जारी रहा। बॉर्डर पर हुई किसानों की मुख्य सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने वीरवार 8 अप्रैल को प्रदेश के जिला उपायुक्तों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन में शामिल होने और 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए के लिए केएमपी को जाम करने में शामिल रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आंदोलन में हुए नुकसान के नाम पर किसानों से वसूली की बात किसी भी हालत में किसान मंजूर नही करेंगे।
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किसान नेताओं ने आंदोलनों में सार्वजनिक या निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई आंदोलनकारियों से करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा कानून बनाने की निंदा की। किसान नेताओं ने कहा कि 8 अप्रैल को जिला उपायुक्तों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करें। इसके बाद 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए केएमपी के घेराव में शामिल होने की अपील की। टीकरी बॉर्डर पर सुबह करीब 11 बजे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह नैन की अध्यक्षता में किसानों की बैठक हुई। इसमें 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए केएमपी को पूर्ण बंद करने के आह्वान को सफल बनाने के लिए चर्चा हुई। नैन ने बताया कि 10 अप्रैल को केएमपी पर किसानों की सभा भी 24 घंटे चलेगी। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है।
यूनियन के कार्यकारी सदस्य डीपी दहिया ने कहा कि पांच माह पूर्ण होने को आए सरकार इन कृषि कानूनों को वापस लेने की दिशा में कुछ नहीं कर रही। 22 जनवरी के बाद तो सरकार व किसान नेताओं के बीच कोई वार्ता ही नहीं हुई। इससे किसान मायूस तो हैं पर हताश नहीं, पूरी उमंग व जोश से दुगनी ताकत से डटे हैं। अब सरकार की आंखें खोलने के लिए 10 अप्रैल को केएमपी पर पूर्ण बंद के दौरान कोई वाहन नहीं आने दिया जाएगा। बैठक में शामिल किसानों ने जनता से इस कठिन घड़ी में किसानों को सहयोग करने की अपील की। जिया लाल, कपूर सिंह, डॉ. बलबीर सिंह, निर्मल सिंह, डॉ. सवाई मान सिंह भी बैठक में शामिल रहे।
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