धर्मपुरा की सील की गई गली में एलपीजी की आपूर्ति के लिए जाते वेंडर।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। धर्मपुरा निवासी महिला नर्स के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद भले ही इस महिला के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष संपर्क में आए 12 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर यह मोहल्ला 23 अप्रैल तक सील ही रहेगा। उधर, जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने वाले बहादुरगढ़ के सभी लोगों के स्वास्थ्य की रिपोर्ट मांगी है।
डॉ. हर्षदीप वर्मा और डॉ. नवीन की अगुवाई में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने शुक्रवार को भी लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से धर्मपुरा और जटवाड़ा मोहल्ला में खास नजर रखी। धर्मपुरा के 355 घरों में रह रहे सभी 1980 लोगों और जटवाड़ा मोहल्ला के कुल करीब 1500 घरों में रह रहे लगभग नौ हजार लोगों के स्वास्थ्य पर नागरिक अस्पताल की यह टीम विशेष नजर रखे हुए है। धर्मपुरा में घर-घर जाकर लोगों से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा गया।
वीरवार को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सील करने के बाद एकाध आदमी को केवल अति आवश्यक कार्य के लिए ही धर्मपुरा की सील गलियों से बाहर जाने या अंदर आने की छूट दी गई। ऐसे लोगों में रसोई गैस और दवाई की डिलिवरी देने वाले भी शामिल थे। तमाम गलियों में सैनिटाइजेशन की मुहिम चलाई गई।
मोहल्ला के लोगों ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही। पार्षद सुरेंद्र चुघ ने कहा कि धर्मपुरा के लोग प्रशासन को हर तरह का सहयोग देने के लिए तैयार हैं। इस बीच जानकारी मिली है कि दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में प्रदेश की 85 नर्स काम करती हैं। जिनमें से 44 नर्स बहादुरगढ़ की हैं। सीएमओ डॉ. रणदीप पूनिया ने अस्पताल को लिखकर वहां काम कर रहे झज्जर जिले के सभी लोगों की हेल्थ रिपोर्ट तलब की है।