झज्जर। शहर व आसपास के क्षेत्र में रविवार रात को आई बारिश के चलते झज्जर अनाज मंडी में तीन हजार क्विंटल बाजरे और दो हजार क्विंटल धान की फसल भीगने से खराब हो गई। सोमवार को बाजरे की प्राइवेट खरीद की गई, लेकिन धान के फसल की खरीद नहीं हो पाई। बारिश के चलते कुछ किसान अपनी फसल को वापिस लेकर चले गए।
झज्जर मंडी में आढ़तियों की तरफ से मौसम को देखते हुए रात को फसल पर तिरपाल रखने की व्यवस्था कर दी थी। बाजरे और धान पर तिरपाल बिछा होने के बाद भी मंडी में फसल खराब हो गई, क्योंकि काफी फसल जमीन पर पड़ी थी। इस कारण अब मंडियों में फसल आने के बाद किसानों के बाद आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिस कारण कट्टों के पास बारिश का पानी जमा हो गया। इसके चलते कट्टे गीले हो गए। रात को ही लेबर ने तिरपाल के जरिए फसल को बारिश से बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसके बाद भी फसल भीग गई। सोमवार को जब कुछ समय के लिए बारिश रुकी तो लेबर फसलों को सुखाने में लग गई।
बाजरे की प्राइवेट खरीद की गई
जिले की अनाज मंडियों में सोमवार शाम तक 5322 किसानों के बाजरे की फसल के गेट पास काटे गए हैं, जिनकी 139221.5 क्विंटल बाजरे की आवक पोर्टल पर दर्ज की गई है। वहीं, जिले में अब तक 1652 किसानों की 42027.5 क्विंटल बाजरे की प्राइवेट खरीद की गई है। इसके साथ बाजरे की फसल का उठान भी किया जा रहा है। इसके अलावा जिले की अनाज मंडियों में धान की फसल की भी प्राइवेट खरीद की जा रही है।
पहले प्रकृति अब मंडियों की अव्यवस्था भारी
झज्जर अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विनोद पूनिया ने बताया कि पहले प्रकृति की मार से खेतों में बाजरे की फसल खराब हुई। अब मंडियों में अव्यवस्था के कारण बाजरा खराब हो रहा है। किसानों के बाद अब आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजरे और धान की फसल पर तिरपाल लगाने के बाद भी बारिश से फसल नहीं बच पाई। किसानों का पूरा डाटा ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज नहीं होने के चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चांद ने बताया कि आढ़तियों की तरफ से फसल को बारिश से बचाने के लिए पूरे इंतजाम किए गए थे। इसके बाद भी मंडी में तीन हजार क्विंटल बाजरे और दो हजार क्विंटल धान की फसल भीग गई है। इसके चलते आढ़तियों को काफी परेशानी हुई है।
जिले में सोमवार शाम तक 5322 किसानों के बाजरे की फसल के गेट पास काटे गए हैं, जिनकी 139221.5 क्विंटल बाजरे की आवक पोर्टल पर दर्ज की गई। वहीं, 1652 किसानों की 42027.5 क्विंटल बाजरे की प्राइवेट खरीद की गई।
- रामनिवास, सचिव, मार्केट कमेटी झज्जर
06jjrp19- झज्जर अनाज मंडी में बारिश के चले भीगे फसल से भरे कट्टे। संवाद
06jjrp19- झज्जर अनाज मंडी में बारिश के चले भीगे फसल से भरे कट्टे। संवाद
06jjrp19- झज्जर अनाज मंडी में बारिश के चले भीगे फसल से भरे कट्टे। संवाद