-फोटो 58 : बहादुरगढ़ बस स्टेंड। फाइल फोटो
- फोटो : सौं परिवहन विभाग
बहादुरगढ़। बेहतर परिवहन सेवा के दावों के बीच फिलहाल प्रदेश में रोडवेज बसों की व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। परिवहन निगम के बेड़े में मात्र 3639 बसें चालू हालत में हैं। परिवहन निगम की ओर से दिए गए आरटीआई के जवाब से यह खुलासा हुआ है।
शहर के निवासी सतपाल हाडा ने परिवहन निगम से आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी थी। हाल ही में उसका जवाब आया है। जवाब में सामने आया कि राज्य परिवहन (रोडवेज) के बेड़े में मात्र 3639 बसें चालू हालत में हैं, जबकि 16 बसें चलने की स्थिति में नहीं हैं और 19 बसें ऐसी थीं, जिनकी मरम्मत नहीं हो सकी। यह आंकड़ा 31 जुलाई 2024 तक का है।
झज्जर जिले के बेडे में 160 बस हैं, जिनमें सभी चलने लायक हैं। सबसे ज्यादा 225 बस सिरसा डिपो में, हिसार में 220 व भिवानी में 207 हैं। वहीं, सबसे कम नूंह व पानीपत डिपो में 94 बस हैं। हालांकि अब मुख्यमंत्री की ओर से करीब 500 बस रोडवेज के बेड़े में शामिल करने की बात कही गई हैं।
उन्होंने कहा कि 16 जुलाई तक झज्जर में 6017 तो बहादुरगढ़ में 1364 हैप्पी कार्ड बनाए गए हैं। मुफ्त में दी जाने वाली यह सेवा तथा अन्य प्रकार के किराये में छूट के कारण निगम के सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।
इसके अलावा कुछ कर्मचारियों की हठधर्मिता, शहर के बीच से बस न निकालना, सवारियों की अनदेखी करना भी घाटे का एक बड़ा कारण बना है। दूसरी तरफ प्रदेश में निजी बसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
रोड पर हर मिनट में निजी बस दिखाई देती है, जबकि यात्री की पहली पसंद रोडवेज बस ही रहती हैं।