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एशिया कप फाइनल में मिली हार का दुख भूल टीम ने की थी वर्ल्ड कप की तैयारी : कनिष्क

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09jjrp23- झज्जर। अपने बेटे को देखकर भावुक हुई मां सरित चौहान। संवाद
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झज्जर। अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करने वाले कनिष्क चौहान वर्ल्ड कप जीतकर सोमवार को पैतृक गांव कुलाना पहुंचे तो लोगों ने उन्हें सिर आंखों पर बिठा लिया। उनका जगह-जगह फूल-मालाओं और ढोल नगाड़ाें से स्वागत हुआ। डीजे की धुन पर क्रिकेटर को खुली जीप में गांव तक लाया गया। कनिष्क बोले-एशिया कप के फाइनल में मिली हार का दुख था लेकिन विश्वकप नजदीक था। ऐसे में टीम के सभी खिलाड़ी हार भूलकर तैयारी में जुट गए थे।
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कुलाना पहुंचकर कनिष्क ने सबसे पहले मां के बारे में पूछा। कार्यक्रम के बाद कनिष्क सबसे आखिर में मां सरिता से मिले। खास दिन के लिए मां ने तिरंगा साड़ी पहनी थी। बेटे को देखकर वह भावुक हो गईं। उन्होंने कनिष्क को गले लगा लिया।
सरिता चौहान बोलीं-उन्होंने मन्नत मांगी थी कि अंडर-19 विश्वकप जीतने के बाद वह व्रत रखेंगी और जागरण करवाएंगी। सोमवार को कनिष्क के सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने व्रत रखा और रात को जागरण कराया। हालांकि, आरसीबी मैनेजमेंट की तरफ से अंडर-19 विश्वकप विजेता दोनों खिलाड़ियों को बंगलूरू बुलाए जाने के चलते कनिष्क जागरण में शामिल नहीं हो सके।
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मां ने बनाया पसंदीदा खाना, चख भी न सके कनिष्क

सरिता ने बताया कि उन्होंने बेटे के लिए लहसून की चटनी, मिस्सी रोटी, मक्खन, दाल मखनी, चूरमा, गोंद के लड्डू तैयार करवा रखे थे लेकिन समय अभाव के चलते कनिष्क इनका स्वाद नहीं चख सके। कहा, जब वह आरसीबी कैंप से लौटेगा तब उसे अपने हाथों से खाना खिलाऊंगी।
शिव मंदिर में टेका माथा, पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा पर चढ़ाए पुष्प

रविवार को मुंबई से फ्लाइट मिस होने के बाद कनिष्क चौहान सोमवार को पालम हवाई अड्डे पहुंचे। यहां से गुरुग्राम होते हुए बिलासपुर चौक तक आए। बिलासपुर चौक से कनिष्क को खुली जीप में बैठाकर गांव कुलाना तक लाया गया। इस दौरान हर जगह पर कनिष्क का फूल मालाओं व नोटों की माला से स्वागत किया गया। खिलाड़ी ने सबसे पहले कुलाना चौक पर पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने शिव मंदिर में माथा टेका। सम्मान समारोह में ग्राम पंचायत, भाजपा नेता आदित्य धनखड़, बादली विधायक कुलदीप वत्स सहित अन्य लोग भी शामिल रहे।
करीब डेढ़ घंटे गांव में रुके कनिष्क
कनिष्क गांव में करीब डेढ़ घंटे रुके। इसके बाद बंगलूरू के लिए रवाना हो गए। डेढ़ घंटे में वह अपने परिवार से करीबन पांच से 10 मिनट ही मिल सके। कनिष्क ने बताया कि उनकी सफलता का श्रेय परिवार, कोच, हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, सिरसा क्रिकेट एसोसिएशन सहित उनको स्पोर्ट करने वालों को जाता है। अब आगे मार्च से आईपीएल खेलना है।


कोच बोले-अंडर-19 विश्वकप 10 वर्ष के अभ्यास का नतीजा
कनिष्क के कोच जसकरण सिंह सिद्धू ने कहा, विश्वकप जीतना हर खिलाड़ी सपना होता है। कनिष्क चौहान ने उस सपने को साकार किया है। पिछले 10 वर्ष के अभ्यास का नतीजा है कि कनिष्क चौहान ने यह मुकाम हासिल किया है। अब वह जल्द ही कनिष्क को भारतीय सीनियर टीम में खेलते देखना चाहते हैं।
कनिष्क ने सपने को किया साकार
मां सरिता ने कहा, बेटे ने विश्वकप जीतकर उनका सपना साकार कर दिया। कनिष्क ने जो मुकाम हासिल किया है, उसे बयां करने के लिए उनके पास शब्द ही नहीं हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही बेटा भारतीय सीनियर टीम में भी खेलेगा। इसके अलावा आईपीएल में आरसीबी की तरफ से मौका मिलेगा तो वहां पर भी अच्छा प्रदर्शन करेगा। पिता प्रदीप चौहान ने बताया कि कनिष्क को सम्मानित होते देखकर उनहें बहुत गर्व महसूस हो रहा है।


दो खिलाड़ी रहे अच्छे दोस्त
कनिष्क चौहान ने करीब आठ माह तक अंडर-19 टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। इस दौरान कनिष्क चौहान के दो सबसे अच्छे दोस्त बने। इसमें एक अंबरीश व दूसरा उद्धव मोहन। इसके अलावा अन्य खिलाड़ियों के साथ कनिष्क चौहान ने खूब मस्ती की।
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09jjrp23- झज्जर। अपने बेटे को देखकर भावुक हुई मां सरित चौहान। संवाद

09jjrp23- झज्जर। अपने बेटे को देखकर भावुक हुई मां सरित चौहान। संवाद

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