-फोटो 84 : ज्वैलर्स शॉप पर खरीदारी करते ग्राहक। संवाद
बहादुरगढ़। शादी-विवाह के सीजन से पहले सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ ज्वेलरी कारोबार से जुड़े व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। सहालग शुरू होने में ज्यादा समय नहीं बचा है लेकिन सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दामों ने खरीदारी की रफ्तार को थाम दिया है।
खासकर शादी वाले घरों में बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। वहीं छोटे ज्वेलर्स के सामने कारोबार बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। सोने और चांदी के भावों में तेजी का दौर लगातार जारी है। हरियाणा स्वर्णकार संघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन वर्मा, मेन बाजार के ज्वैलर्स जगदीश एलाबादी ने बताया कि दामों में आई इस तेजी का सबसे ज्यादा असर मध्यम और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है।
बड़े शोरूम और ब्रांडेड ज्वेलरी स्टोर्स किसी हद तक स्थिति को संभाल लेते हैं लेकिन छोटे दुकानदारों के लिए ग्राहकों को रोक पाना मुश्किल हो गया है। ग्राहक दाम सुनते ही खरीदारी टाल रहे हैं या फिर वजन और डिजाइन में कटौती कर रहे हैं। शादी वाले घरों में भी चिंता का माहौल है।
परंपरागत रूप से विवाह में सोने-चांदी की खरीद को शुभ माना जाता है लेकिन बढ़ी कीमतों के चलते लोग अब मजबूरी में सीमित खरीदारी कर रहे हैं। कई परिवार पुराने गहनों को पॉलिश कराकर या एक्सचेंज कराकर काम चलाने पर विचार कर रहे हैं। इससे नई ज्वेलरी की बिक्री पर सीधा असर पड़ रहा है।
ज्वेलर्स का कहना है कि अगर कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रही तो सहालग सीजन में अपेक्षित बिक्री नहीं हो पाएगी। प्रदेशाध्यक्ष वर्मा के अनुसार, हर साल सहालग में बिक्री बढ़ने से सालभर की भरपाई हो जाती थी, लेकिन इस बार ग्राहक इंतजार की नीति अपना रहे हैं। अगर दाम नीचे नहीं आए तो बाजार में सुस्ती बनी रह सकती है।