बहादुरगढ़। झज्जर जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) ने जिला प्रशासन के साथ बैठक की। उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल के मार्गदर्शन में लघु सचिवालय झज्जर के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई जिसमें जिले के सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उद्यमियों ने बताया कि उद्यमी हर माह करोड़ों का टैक्स और लाखों लोगों को रोजगार देते हैं तो फिर भी औद्योगिक क्षेत्र बदहाल हैं। मूलभूत सुविधाओं के लिए उद्यमी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इस पर डीसी ने जल्द से जल्द समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कोबी की ओर से अध्यक्ष प्रवीण गर्ग, संयुक्त सचिव सुरेंद्र वशिष्ठ तथा कार्यकारिणी सदस्य पुरुषोत्तम गोयल, सुनील गर्ग, अंकुर मित्तल, अनिल गोयल आदि उपस्थित रहे।
लगभग 28 औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं, अवसंरचना तथा औद्योगिक विकास से संबंधित समस्याओं को रखा गया। प्रवीण गर्ग ने बताया कि इन औद्योगिक क्षेत्रों के माध्यम से हजारों उद्योगों में लाखों श्रमिकों को रोजगार दिया जा रहा है, इसके बावजूद अधिकांश औद्योगिक क्षेत्र आज भी सीवर ओवरफ्लो, खुले व टूटे सीवर ढक्कन, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज की कमी से जलभराव, पीने के पानी की अनुपलब्धता, खराब स्ट्रीट लाइटें, सफाई व्यवस्था की बदहाली, पार्कों के डंपिंग यार्ड में तब्दील होने और अवैध अतिक्रमण जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही लगभग सभी औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कें अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं।
बिजली आपूर्ति को लेकर कोबी ने पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती, नियमित मेंटेनेंस और नए पावर सब-स्टेशन की प्रगति पर चर्चा की। स्वास्थ्य व श्रमिक कल्याण के तहत बहादुरगढ़ में घोषित नए ईएसआईसी अस्पताल के उद्घाटन में देरी, औद्योगिक क्षेत्रों में डिस्पेंसरी, अग्निशमन सुविधाएं, डे-केयर व कौशल विकास केंद्र की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि गर्मियों से पहले कंडक्टर बदले जाएंगे, ट्रांसफार्मर ठीक किए जाएंगे और नए पावर स्टेशन शुरू होंगे। पटौदा कारोला रोड व गणपति धाम औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों का निर्माण शीघ्र शुरू होगा। एचएसआईआईडीसी ने खुले सीवर ढक्कन लगाने, सफाई व पेयजल आपूर्ति जल्द सुचारू करने की बात कही। कौशल विकास योजना के तहत उद्योगों के कर्मचारियों के बच्चों के लिए बहादुरगढ़ बाल भवन में जगह देने का भी प्रयास किया जाएगा।
बैठक में औद्योगिक विकास एवं सुशासन के लिए मासिक सिंगल विंडो सिस्टम की स्थापना, जिले के राजस्व का उपयोग मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए किए जाने, ट्रांसपोर्ट नगर एवं ड्राई पोर्ट की स्थापना, पूर्व बजट में घोषित श्रमिक डॉरमेट्री निर्माण की लंबित घोषणा तथा अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्रों के अनुमोदन/नियमितीकरण के लिए नए पोर्टल पर जागरूकता कार्यशालाओं के आयोजन जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे गए। इसके साथ ही सीएसआर के अंतर्गत कंपनियों द्वारा किए जा रहे व्यय की पारदर्शिता एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए उपयुक्त कार्यालय के माध्यम से वार्षिक समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का प्रस्ताव भी दिया गया।
उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने समस्याओं के त्वरित समाधान और ऐसी बैठकों को मासिक रूप से आयोजित करने का भरोसा दिलाया। अंत में कोबी ने प्रशासन के सहयोग के लिए आभार जताया और उद्योगों से कचरे का सही निपटान करने की अपील की।