बहादुरगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ऐतिहासिक किसान आंदोलन दिल्ली चलो की पांचवीं वर्षगांठ पर 26 नवंबर को हिसार में होने वाली एसकेएम की प्रदेशस्तरीय रैली होगी। इसमें किसानों व कृषि श्रमिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन जनसंपर्क अभियान चलाएगा।
इसी कड़ी में संगठन की ब्लॉक कमेटी की बैठक रोहतक रोड पर छोटूराम धर्मशाला के नजदीक हुई। इसमें संगठन के ब्लॉक कमेटी सचिव सतबीर सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 26 नवंबर का दिन ऐतिहासिक किसान आंदोलन से सीख लेने और संकल्प करने का दिन है।
जिला कमेटी सदस्य रामकिशन ने कहा कि इलाके की मुख्य फसलें धान, बाजरा और कपास हैं। सरकार द्वारा इनको रंग (क्वालिटी) या नमी की मात्रा अधिक होने के नाम पर एमएससी पर नहीं खरीदा गया। इससे सिद्ध होता है कि सरकार का 24 फसलों को एमएसपी पर खरीद का दावा खोखला है। भावांतर योजना किसान विरोधी व सरकारी मंडियों को खत्म करने की साजिश है।
संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने बताया कि प्रदेश में लाखों एकड़ में खड़ी फसलें भारी बारिश व जलभराव से तबाह हो गई हैं, लेकिन आज तक कोई मुआवजा राशि नहीं मिली। रैली में किसानों की मांगों को उठाया जाएगा। संगठन ने प्रदेश के किसानों और भूमिहीन ग्रामीण गरीबों से इस विरोध रैली में बढ़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया है। बैठक में मंगतराम, सतीश कुमार और लालजी उपस्थित रहे।