-फोटो 87 : नागरिक अस्पताल में फिजिशयन ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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बहादुरगढ़। बदलती जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण, धूल-मिट्टी, धूम्रपान और एलर्जी के कारण सांस संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में अस्थमा की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। मौसम में बदलाव, धुआं और संक्रमण भी सांस के मरीजों की संख्या बढ़ा रहे हैं। अस्पताल में प्रतिदिन सभी ओपीडी में 1200 से 1500 मरीज पहुंचते हैं। इनमें तीन से चार मरीज सांस की बमीारी से पीड़ित पहुंचते हैं।
अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुखपाल का कहना है कि यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। सही इलाज, नियमित दवा के उचित इस्तेमाल से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को इसके प्रति जागरूक किया जाता है। उनके अनुसार सांस के मरीजों को धूम्रपान और धूलभरे वातावरण से बचना चाहिए।