संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण के लिए नगर परिषद ने बधियाकरण प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की तैयारी की है। करीब सात माह बाद यह प्रक्रिया शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निर्देशों पर शुरू हो रही है। नगर परिषद ने लगभग चार हजार आवारा कुत्तों के बधियाकरण के लिए टेंडर लगाया है।
पहले भी नगर परिषद ने बधियाकरण के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय एजेंसी कुत्तों को पकड़कर रोहतक ले जा रही थी। जीव प्रेमियों ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि कुत्तों को उनके क्षेत्र से दूर ले जाना उचित नहीं है। विरोध के बाद नगर परिषद को वह टेंडर रद्द करना पड़ा था। अब नए सिरे से टेंडर जारी किया गया है। इसके तहत एनिमल बर्थ कंट्रोल के लिए छह माह का अनुबंध दिया जाएगा। नगर परिषद अध्यक्ष सरोज राठी ने बताया कि चार हजार कुत्तों का बधियाकरण होगा। टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी होकर कार्य शुरू होगा।
इस बार ठेकेदार को ही आश्रय गृह की व्यवस्था करनी होगी। ऑपरेशन के बाद कुत्तों को वहीं रखा जाएगा। टेंडर की शर्तों के अनुसार कुत्तों को पकड़ते समय निर्दयता नहीं की जा सकेगी। एजेंसी को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का पालन करना होगा।
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बधियाकरण के नियम
बधियाकरण के बाद कुत्तों के दाहिने कान पर वी आकार का निशान लगाया जाएगा। उन्हें उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा, जहां से पकड़ा गया था। छह माह से कम उम्र के कुत्तों को नहीं पकड़ा जाएगा। दो माह से कम उम्र के पिल्लों वाली मादा कुत्तों को भी नहीं पकड़ा जाएगा। एजेंसी का एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से पंजीकृत होना अनिवार्य है।