झज्जर। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्रीभगवान की अध्यक्षता में आढ़तियों ने काम छोड़ आधे घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। आढ़तियों का कहना था कि बाजरा खरीद के लिए कम किसानों को मंडी में बुलाया जा रहा है। इससे उनका काम सुचारु रूप से नहीं चल रहा है। धरने की सूचना मिलने पर एसडीएम शिखा व तहसीलदार नरेंद्र दलाल अनाज मंडी पहुंचे और उचित कदम उठाने का आश्वासन देकर काम शुरू कराया।
आढ़तियों ने बताया कि अनाज मंडी झज्जर में किसान कम आ रहे हैं, जिससे बाजरे की आवक कम हो रही है। इसलिए किसानों की संख्या 400 से 450 की जाए। इस बारे में 2 दिन पहले डॉॅ. डी सुरेश कुमार कमिश्नर रोहतक को भी अवगत कराया गया था। अधिक किसानों को मंडी में संदेश भेज कर बुलाया जाए तो जल्दी बाजरे की खरीद हो सकती है। इससे किसानों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मंडी में कोरोना संक्रमण के दौरान निर्धारित किए गए नियमों का पालन किया जा रहा है। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के धरने के बाद आढ़तियों ने सतबीर सिंह मल्हान को प्रधान नियुक्त किया। मल्हान ने कहा कि वे आढ़तियों के विश्वास पर खरा उतरेंगे।
सात हजार एमटी से अधिक हुई खरीद
झज्जर, मातनहेल, ढाकला, बेरी, बहादुरगढ़, छारा व माजरा दूबलधन में निगरानी कमेटी की देखरेख में खरीद हो रही है। जिले में खरीद केंद्र पर हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस की ओर से 2150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरे की खरीद की जा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक सात हजार मीट्रिक टन से अधिक बाजरे की खरीद हुई है। वहीं, 3 हजार मीट्रिक टन से अधिक फसल का उठान हो चुका है।