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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोनीपत में छापा मारकर लिंग भ्रूण जांच करवाने के आरोप में पांच लोगों को पकड़ा

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आरोपियों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद - फोटो : Jhjhar
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स्वास्थ्य विभाग ने टीम ने भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश किया है। झज्जर और सोनीपत के स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने छापा मारकर एक महिला, एक वकील सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक लाख 12 हजार रुपये मिले हैं। आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोनीपत के मॉडल टाउन पुलिस थाने में पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
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सिविल सर्जन झज्जर को सूचना मिली थी कि श्रीगंगानगर, राजस्थान निवासी बलराम भ्रूण लिंग जांच का काम करता है। लड़की की पुष्टि होने पर गर्भपात भी करवाता है। सूचना के आधार पर सिविल सर्जन ने नोडल अधिकारी पीएनडीटी डॉ. अचल त्रिपाठी, चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुजाना डॉ. संदीप दलाल, चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माजरा डॉ. हर्षदीप, एएमओ पॉली क्लिनिक झज्जर डॉ. रवि गोदारा, लिपिक अजय कुमार, अनिल कुमार व संजय पर आधारित एक टीम गठित की। आरोपियों को पकड़ने के लिए एक ग्राहक को तैयार किया।
तीन हजार रुपये डाले थे ऑनलाइन
बलराम ने ग्राहक से 1 लाख 15 हजार रुपये में सौदा तय किया, जिसने अग्रिम राशि तीन हजार रुपये ऑनलाइन मंगवाई। इसके बाद दलाल ने तीन जनवरी से पहले अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए सोनीपत बुलाया, उसी दिन वह बख्तावरपुर दिल्ली ले गया, मगर अल्ट्रासाउंड नहीं करवाया। बलराम ने छह जनवरी को ग्राहक को नरेला बुलाया और अल्ट्रासाउंड करने से मना कर दिया।
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कई स्थानों के काटे चक्कर, फिर पहुंचे सोनीपत
सिविल सर्जन ने बताया कि 6 जनवरी को बलराम ने ग्राहक को नरेला बुलाया। वहां से वह महिला को लेकर सोनीपत पहुंचा। जहां पर उसका एक साथी भंवर भी था। उसके बाद अदालत परिसर से एक वकील रणबीर सिंह, एक महिला व विकास को भी साथ लिया। पहले वो एक हॉस्पिटल लेकर गए, जहां पर अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाने की बात कह कर संजीवन डॉप्लर सेंटर लेकर गए। यहां पर भी जब मामला सिरे नहीं चढ़ा तो उसे सोनीपत के सत्यकिरन हेल्थ केयर अल्ट्रासांउड केंद्र लेकर गए। इस बीच टीम उसका पीछा करती रही। सोनीपत पहुंच कर झज्जर की टीम ने सोनीपत की टीम को भी साथ में ले लिया। अल्ट्रासाउंड होने के बाद दोनों टीम ने पुलिस की मदद से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने बताया कि महिला आरोपी ने कबूला है कि उसने सामान्य अल्ट्रासाउंड करवार कर लड़की होना बताया था। सोनीपत की टीम ने अल्ट्रासाउंड केंद्र की मशीन और कागजात की जांच की है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम आरोपी के पीछे तीन जनवरी से लगी हुई थी, लेकिन बुधवार तक वह ग्राहक को लेकर इधर से उधर घुमाता रहा। बुधवार को पांच आरोपियों को 1.12 लाख रुपये की राशि के साथ गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया है।
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डॉ. अचल त्रिपाठी, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, झज्जर।
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