तीन माह पहले रोजगार के लिए मलयेशिया गए गांव दहकोरा के युवक की कुशलता के संबंध में उसके परिजनों को र्कोई जानकारी नहीं मिली है।
मलयेशिया से उन्हेें कभी अपने बेटे के गायब होने तो कभी मारे जाने की खबरें मिल रही हैै, जिससे परिजन चिंता में हैं।
उन्होंने दिल्ली में मलयेशिया दूतावास के अधिकारियों और बहादुरगढ़ पुलिस के अधिकारियों से मिलकर मदद की गुहार लगाई है।
गांव दहकोरा का पवन (18) पुत्र सतबीर जयपुर की एक कंपनी के माध्यम से मर्चेंट नेवी में भर्ती हुआ था। करीब तीन महीने पहले वह कंपनी के माध्यम से मलयेशिया के एक जहाज में मलयेशिया के लिए गया।
पुलिस के मुताबिक, चार नवंबर को फोन के जरिये उनके परिजनों को सूचना मिली कि पवन संदिग्ध हालात में गायब हो गया है।
इस सूचना पर परिजन चिंता में पड़ गए। उन्होंने पवन की सकुशलता की जानकारी के लिए हर संभव प्रयास किए।
पवन को मलयेशिया भेजने वाली जयपुर की कंपनी से संपर्क किया और पवन के मोबाइल नंबर पर भी लगातार बातचीत का प्रयास करते रहे।
बताया गया कि पवन का मोबाइल फोन जहाज के अधिकारियों के कब्जे में है और छह नवंबर को पवन के परिजनों को यह सूचना दी गई कि पांव फिसलने से समुद्र में गिर जाने के कारण पवन की मृत्यु हो गई है।
युवक की मौत की खबर सुनकर परिवार पर आपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। पवन के पिता सतबीर सिंह और अन्य परिजन सोमवार को दिल्ली में मलयेशिया दूतावास के अधिकारियों से मिले और अपने बेटे को भारत लाने की मांग की।
परिजनों ने बहादुरगढ़ के डीएसपी शमशेर सिंह और एसएचओ रणधीर सिंह दहिया से भी मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई।
एसएचओ दहिया का कहना है कि जितना भी संभव होगा पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी। पवन की मृत्यु होने या नहीं होने और अगर मृत्यु हुई है तो उसके कारणों के बारे में स्थानीय पुलिस फिलहाल कुछ भी बता पानेेे में असमर्थ है।