फोटो : 15शिशु चिकित्सा वार्ड के बाहर बैठे लोग। संवाद
रेवाड़ी। दिन और रात के तापमान में आ रहे उतार-चढ़ाव से आमजन के स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है। कभी तेज धूप निकल रही है तो कभी हल्की ठंडक घुलने लगी है। मौसम के इस बदलते मिजाज के कारण खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सिविल अस्पताल से लेकर निजी क्लीनिकों तक मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
चिकित्सकों का कहना है कि इस समय तापमान में अचानक हो रहे बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है जिससे संक्रमण जल्दी फैलता है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे अधिक असर देखा जा रहा है। कई लोग वायरल फीवर, गले में खराश, नाक बंद होने और बदन दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम हल्की ठंडक में बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें और दिन के समय धूप में अधिक देर तक रहने से बचें।
शरीर को हाइड्रेट रखें और बाहर के खुले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। उन्होंने बताया कि कई लोग छोटे-मोटे बुखार या सर्दी को नजरअंदाज कर लेते हैं जिससे हालत बिगड़ जाती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और स्वयं दवा नहीं लेनी चाहिए।
छोटे बच्चों का रखें विशेष ध्यान
फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि इस मौसम में सुबह और शाम तापमान में अंतर अधिक होता है। शरीर को इस बदलाव के अनुकूल होने में समय लगता है। इसलिए सुबह हल्की गर्म चाय या सूप लें, पर्याप्त नींद लें। उन्होंने कहा कि उचित सावधानी बरतने से इस मौसमी बीमारी से बचाव संभव है।
दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। छोटे बच्चों में यह समस्या अधिक है क्योंकि उनका शरीर मौसम के बदलाव के प्रति जल्दी प्रतिक्रिया देता है। उन्होंने सलाह दी कि सुबह और रात में बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, ठंडे पेय पदार्थों से बचें और पौष्टिक घर का बना भोजन दें।