दिल्ली पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागने के बाद बचने की कोशिश करते किसान।
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बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का दिल्ली कूच के लिए प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार की सुबह ही 500 से अधिक ट्रैक्टर-ट्राली लेकर किसान रोहद टोल प्लाजा पर लगे बैरिकेड व कटीले तारों को तोड़ते हुए दिल्ली की तरफ बढ़े। दिल्ली-हरियाणा सीमा टिकरी बार्डर पर दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया और किसान विरोध करते रहे। जब किसानों ने दिल्ली पुलिस के बैरिकेड को तोड़ा तो पुलिस ने उन्हें रोकते हुए आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारें छोड़ी। इस तरह पुलिस और किसानों के बीच आमना-सामना हुआ। दिल्ली में जाने से पहले किसानों ने दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 9 किसान साथियों को छोड़ने की मांग की। पुलिस ने उनको छोड़ दिया। इसके काफी देर बाद शाम करीब पांच बजे किसान दिल्ली की तरफ रवाना हो गए।
तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए किसानों द्वारा किए गए प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर दिल्ली-हरियाणा सीमा पर पहुंचे। दिल्ली पुलिस ने भी इलाके को पूरी तरह से सील किया हुआ था। किसानों ने सुबह पहुंचकर टिकरी बार्डर पर दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़ दिया और जबरन दिल्ली में घुसने का प्रयास किया। ऐसे में पुलिस और किसान आमने-सामने हो गए। किसानों द्वारा बैरिकेड तोड़कर दिल्ली में घुसने को लेकर पुलिस के साथ काफी जद्दोजहद भी हुई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ-साथ काफी देर तक पानी की बौछारें भी की। पुलिस जैसे ही आंसू गैस के गोले छोड़ती, भीड़ कुछ समय के लिए तो इधर-उधर हो जाती, लेकिन फिर से वहां जमा हो जाती। इस दौरान किसानों ने एक ऐसे शख्स को भी पकड़ा जो भीड़ में घुसकर दिल्ली पुलिस की तरफ पत्थर फेंक रहा था। किसानों ने उससे पूछताछ के बाद उसे हरियाणा पुलिस को सौंप दिया। प्रदर्शन में शामिल किसानों के अनुसार वह शख्स माहौल को खराब करने वाला था। दिल्ली में कूच करने वाले किसान सुबह 4 बजे रोहद टोल पर पहुंच गए थे। जबकि सेक्टर-9 मोड़ पर 6 बजे पहुंचे। यहां पर भी बैरिकेड को तोड़ते हुए किसान दिल्ली की तरफ बढ़ गए। टिकरी बार्डर पर किसान साढ़े 7 बजे पहुंचे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने किसानों को यहां पर रोक दिया। दिल्ली पुलिस द्वारा दागे गए आंसू गैस के गोलों को किसानों ने वापस पुलिस पर फेंका। किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस के अलावा सीआईएसएफ, सीआरपीएफ के जवान भी तैनात किए गए थे। किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश किया। किसानों के दिल्ली पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।