बिरहोड़ गांव निवासी बुजुर्ग दंपती ने मातमहेल गांव में तहसील के पास जहर निगल लिया। घटना की जानकारी पुलिस को मिली तो पुलिस ने दोनों को झज्जर के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया। दपंती की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। जहां पर इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। मृतकों के पास एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें उन्होंने अपने दो बेटों, दोनों पुत्रवधू तथा एक पुत्रवधू के परिवार पर परेशान करने व मरने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने दोनों बेटों सहित सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दंपती के शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद मृतक के परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बिरहोड़ गांव निवासी रामवीर पुत्र मायाराम उसकी पत्नी संगीता रविवार को बिना बताए ही घर से मातनहेल गांव आए थे। जहां नीमली मोड़ के पास उन्होंने जहर निगल लिया। जब उनकी हालत बिगड़ते हुए लोगों ने देखा तो उन्होंने मामले की जानकारी मातनहेल पुलिस चौकी को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को सामान्य अस्पताल झज्जर में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। जहां पर इलाज के दौरान दंपती की मौत हो गई।
जेब से मिला सुसाइड नोट
दंपती की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उन्होंने लिखा है कि उनका पुत्र संदीप, संदीप की पत्नी, दूसरा बेटा सोनू तथा उसकी पत्नी व सोनू के सास-ससुर तथा साला ने उन्हें तंग करके आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। सुसाइड नोट में मृतक दपंती ने इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर मृतक के बेटे-बहू सहित सात के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट के आधार पर सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। सुसाइड नोट में घरेलू कलह को कारण बताया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रणवीर सिंह, पुलिस चौकी प्रभारी, मातनहेल।