फोटो नंबर 77: उप मंडल कार्यालय के ऊपरी भवन का टूटा हुआ शीशा और फ्रेम। (संवाद)
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बादली। गांव बादली में बाईपास स्थित उपमंडल अधिकारी कार्यालय एवं तहसील भवन में शीशों के फ्रेम टूटकर गिरने से दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद भवन के निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की है। भवन के प्रांगण में खड़ी वकील और उपमंडल कार्यालय के कर्मचारी की गाड़ी पर शीशों के फ्रेम टूटकर गिर गए। इससे दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा। लोगों का कहना है कि भवन में पहले भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कभी नाम सूचक बोर्ड गिर जाता है तो कभी शीशे टूटकर नीचे आ जाते हैं। अब शीशों में लगाए गए फ्रेम भी टूटकर गिरने लगे हैं। बादली निवासी तरुण, दीपक, राजेश, बलजीत, मुकेश, हिमांशु, विक्रम, आजाद और मनीष ने उपमंडल अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने दोष पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने और भवन की खामियों को दूर कराने की मांग की। वही उपमंडल अधिकारी विशाल कुमार का कहना है कि उनके संज्ञान में अब यह मामला आया है जिसके लिए संबंधित विभाग से बातचीत की जाएगी।
आठ माह में सामने आने लगीं खामियां:
करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बने उपमंडल स्तरीय भवन में अधिकारियों ने दिसंबर 2025 में बैठना शुरू किया था। इससे पहले भवन का निर्माण कार्य करीब चार साल तक चला। निर्माण पूरा होने के कुछ ही माह बाद विभिन्न हिस्सों में खामियां सामने आने लगी हैं। कई जगह शीशे अपने आप टूटकर नीचे गिर चुके हैं। पिछले दिनों कार्यालय के प्रमुख गेट पर लगा नेम बोर्ड भी गिर गया था। लगातार हो रही घटनाओं से निर्माण कार्य में लापरवाही बरते जाने और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है।
नौ साल बाद मिला भवन:
बादली को दिसंबर 2016 में उपमंडल का दर्जा मिला था। इसके करीब नौ साल बाद दिसंबर 2025 में अधिकारियों को अपना भवन उपलब्ध हुआ। लंबे इंतजार के बाद मिली सुविधा में निर्माण संबंधी समस्याएं सामने आने से लोगों में चिंता है।
फोटो नंबर 77: उप मंडल कार्यालय के ऊपरी भवन का टूटा हुआ शीशा और फ्रेम। (संवाद)