बादली। ध्वनि प्रदूषण पर शासन प्रशासन के नियंत्रण के दावे की डीजे संचालक हवा निकाल रहे हैं। गांव में 120-200 डेसिबल में बज रहे डीजे के शोर से आम लोगों की परेशानी का कोई पैमाना नहीं है।
डीजे रात के 10 बजे तक ही बजाने का नियम है। लेकिन रात दो बजे तक डीजे बज रहे हैं। इससे बोर्ड परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की तेज आवाज सेे पढ़ाई बाधित हो रही है। अभिभावक दबी जुबान से आवाज उठाते हैं, लेकिन शिकायत करने के लिए आगे नहीं बढ़ रहे हैं। छात्र मनीष, लक्की, लक्ष्य और मोहित का कहना है कि इस शोर से निजात नहीं मिल रही। बोर्ड परीक्षाएं हैं और रात के समय पढ़ाई और नींद बाधित हो रही है।
गांवों में 55 से ज्यादा वाटिका : 11 मार्च तक शादी के शुभ मुहूर्त और लग्न हैं। गांवों में शादी के लिए 55 से ज्यादा वाटिका और मैरिज हाॅल हैं। वाटिका और मैरिज हाल घनी आबादी के बीच में हैं। रात के 12 से दो बजे तक डीजे बजता है। ऐसे में बच्चों के समक्ष तैयारी को लेकर बड़ी समस्या है।