वैसे तो प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य विभाग को नंबर वन करने के दावे करते हैं, लेकिन धरातल पर इसके दावे बिल्कुल विपरीत है।
झज्जर सामान्य अस्पताल में मरीजों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य अस्पताल में सुविधाओं का टोटा मरीजों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। इसके विरोध में मरीजों के साथ गोरक्षा दल के सदस्य भी शामिल हो गए हैं।
सामान्य अस्पताल में बिजली-पानी की समस्या को लेकर बुधवार को गोरक्षा दल के सदस्य अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं होगा, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
अगर अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं करते हैं तो वे पानी पीना भी छोड़ देंगे और इसकी जिम्मेदारी भी विभाग और सरकार की होगी।
भूख हड़ताल की अध्यक्षता गोरक्षा दल के सचिव नवीन आर्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य अस्पताल में बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं मरीज पीने का पानी अस्पताल के बाहर से खरीदकर लाते हैं।
सिविल अस्पताल में गरीब लोग आते हैं। अगर उनका बजट पानी खरीदने का हो तो वे निजी अस्पतालों में भी उपचार करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि न केवल पानी की समस्या नहीं बल्कि टायलेट ब्लॉक हैं। अस्पताल में बीमार लोगों को ब्लॉक टायलेटों में जाना पड़ता है।
अधिकारी एसी में बैठे रहते हैं और मरीज व उनके तीमारदार परेशान रहते हैं। सरकार द्वारा इतना बजट दिए जाने के बावजूद भी अस्पताल प्रशासन सुविधाएं देने में असमर्थ दिखाई दे रहा है।
उनका कहना है कि इन मूलभूत समस्याओं को लेकर वो कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हर बार विभाग के अधिकारी आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। भूख हड़ताल पर बैठने वालाें में गोरक्षा दल के प्रधान जयबीर आर्य, अजेंद्र ग्वालीसन, मनोज हिंदुस्तानी, विजय चाहार, जसवंत सुहाग और सतीश यादव शामिल थे।
मंगलवार को महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने भी अस्पताल का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान बिजली-पानी की समस्याओं के साथ अन्य कई समस्याएं भी सामने आई थीं, जिसको लेकर अस्पताल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई थी।