-फोटो 56 : सीयाराम, पंडित शिव-हनुमान मंदिर, काठ मंडी।
बहादुरगढ़। 7 दिसंबर को श्री पंचमी महापर्व मनाया जाएगा। यह पर्व सर्वार्थ सिद्धि योग के अद्भुत संयोग में मनाया जाएगा। हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। इस बार विवाह पंचमी पर रवि योग भी बन रहा है।
रेलवे रोड पर स्थित काठमंडी में शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी सीयाराम ने बताया कि पंचमी के दिन शाम 5 बजकर 18 मिनट से रवि योग बन रहा है। जो अगले दिन 7 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 01 मिनट तक है। इनके अलावा ध्रुव योग प्रात: काल से लेकर सुबह 10:43 मिनट तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग बनेगा। विवाह पंचमी को प्रात: काल से श्रवण नक्षत्र है जो शाम को 5 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। उन्होंने बताया कि श्री पंचमी की महिमा का वर्णन महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी श्री रामचरितमानस में विस्तार से कही है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन का विशेष महत्व है। हर साल इस दिन को भगवान राम और मां सीता की शादी की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि मार्गशीर्ष की पंचमी तिथि को ही तुलसीदास जी ने रामचरितमानस पूर्ण की थी। इस दिन रामचरितमानस का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन रामचरितमानस का पाठ किया जाए तो घर में सुख शांति आती है और मनोकामना पूर्ण होती है।
वैवाहिक जीवन में नहीं आएंगी समस्या
पंडित सीयाराम ने बताया कि वैवाहिक जीवन में समस्या होने पर श्री पंचमी पर विधि विधान से पूजन करने से समस्याएं दूर हो जाती हैं। इस दिन श्रीराम चरितमानस का पाठ करें। पूर्ण श्रद्धा के साथ पाठ करने से जीवन सुखमय हो जाता है और सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।