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सामान्य अस्पताल में दवाइयों की कमी, मरीज बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर

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झज्जर। सामान्य अस्पताल में दवाइयों की कमी से मरीज परेशान हैं। उन्हें बाहर निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। दवा विक्रेता भी उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। इस दौरान मरीजों और उनके तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में पर्चे पर लिखी पूरी दवाइयां नहीं मिल रही हैं। चिकित्सक की ओर से लिखी गईं ज्यादातर दवाइयां मेडिकल स्टोर पर ही मिल रहीं हैं। उधर, अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि अस्पताल में हर प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों को तीन से चार दिन तक की दवाइयां ही दी जा रही हैं। सामान्य अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 350 मरीज आते हैं।
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प्रतिक्रिया
अस्पताल में चिकित्सक समय पर नहीं बैठते हैं। यहां मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। चिकित्सक मरीजों के कार्ड पर चार प्रकार की दवाइयां लिखते हैं। उनमें एक या दो दवाइयां ही अस्पताल से मिलती हैं, बाकी दवा बाहर मेडिकल स्टोर से लेनी पड़ती हैं।
-अमित कुमार।
अस्पताल में डॉक्टर ने जो दवाइयां लिखी हैं, उनमें से दो-तीन दवाएं अस्पताल के स्टोर से मिली हैं, शेष दवाएं बाहर से ही खरीदनी पड़ी। दवा विक्रेता मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। वह अपने हिसाब से रुपये वसूल रहे हैं।
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- मूर्ति देवी।
डॉक्टर तो कार्ड पर दवाई लिख देते हैं, लेकिन अस्पताल से पूरी दवा नहीं मिलती है। कभी दर्द की दवाई नहीं मिलती तो कभी दर्द पर लगाने की ट्यूब नहीं दी जाती है। बार-बार चक्कर काटते रहते हैं।
- राज कुमार।
- सामान्य अस्पताल में दवाई लेने के लिए आया था। डॉक्टर ने चार प्रकार की दवाई लिखी थी, लेकिन उसे दो तरह की दवा ही मिली हैं। अब ये दवाई बाहर से खरीदनी पड़ेगी।
- ओम प्रकाश।
सामान्य अस्पताल के दवा वितरण केंद्र से सभी दवाइयां नहीं मिली है, जो दवाई यहां थी, वो मिल गई हैं। बाकि दवा बाहर से लेने के लिए कहा गया है।
- राजपाल।
वर्जन
अस्पताल में हर माह वेयर हाउस से दवाइयां डिमांड के अनुसार उपलब्ध कराई जाती हैं। लोगों को सभी उपलब्ध दवाइयों का वितरण किया जा रहा है। दवा की कमी नहीं है।
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- डॉ. कनिका, एसएमओ, सामान्य अस्पताल, झज्जर।
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