बहादुरगढ़। पिछले वर्ष सितंबर के महीने में जीएसटी की दरें कम होने के बाद दवाइयां की कीमतों में मिली राहत पर अब फिर से महंगाई की मार पड़ने लगी है। कच्चे माल और मालभाड़े की लागत बढ़ने के कारण कई दवाओं के दाम में इजाफा हुआ है। इससे आमजन की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। खासकर उन मरीजों की परेशानी बढ़ गई है, जिन्हें ब्लड प्रेशर, शुगर, दर्द और अन्य बीमारियों के कारण नियमित रूप से दवाइयां लेनी पड़ती हैं।
केमिस्ट एसोसिएशन के जिला प्रधान हरीश कुमार ने बताया कि दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी का असर दवाओं पड़ रहा है।