फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिशन एडमिशन में सर्वर डाउन से उड़चन

Sun, 21 Jun 2015 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बादली (बहादुरगढ़)
विज्ञापन
विज्ञापन
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की ओर से कालेजों में प्रवेश की प्रक्रिया ऑनलाइन प्रक्रिया ग्रामीण क्षेत्रों में कारगर साबित नहीं हो पा रही है। पहला तो ग्रामीण क्षेत्र में साइबर कैफे कम हैं और दूसरा जो हैं उन पर पूरा दिन भीड़ लगी रहती है।
विज्ञापन


सबसे बड़ी समस्या तो सर्वर का बार-बार बंद होना या फिर डाउन होना बना है। बादली स्थित एकमात्र राजकीय महाविद्यालय में एडमिशन के लिए छात्रों की परेशानी का कोई पैमाना नहीं है और वे साइबर कैफे के धक्के खाकर हार चुके हैं मगर मिशन एडमिशन में कामयाब नहीं हो रहे।

राजकीय महाविद्यालय बादली में स्नातक प्रथम वर्ष के लिए 240 सीटें निर्धारित हैं। इनमें कला और कॉमर्स संकाय दोनों ही हैं। पिछले साल ही महाविद्यालय में गणित विषय शुरू हुआ है जिसके प्रति छात्रों का रुझान ज्यादा देखने को मिल रहा है।
विज्ञापन


हालांकि महाविद्यालय की ओर से आनलाइन आवेदन करने के लिए कालेज की लाइबे्ररी में भी कंप्यूटर व्यवस्था शुरू की गई है ताकि किसी भी छात्र को दाखला लेने में परेशानी न उठानी पड़े, मगर वहां भी सर्वर डाउन आफत बना है।

छात्र संदीप, प्रदीप, सोनू व कमल का कहना है कि उन्हें एडमिशन के लिए शहरों की ओर मुंह करना पड़ेगा, क्योंकि कई दिन चक्कर लगाने के बाद भी सर्वर डाउन की समस्या से निजात नहीं मिल रही है।

साइंस में एकमात्र प्रवेश
बादली महाविद्यालय में अभी तक एडमिशन प्रक्रिया धीमी चल रही है। अभी तक एडमिशन के लिए मात्र 71 आवेदन आए हैं जबकि साइंस संकाय के लिए सिर्फ एक आवेदन मिला है।

कालेज में पहली बार विश्वविद्यालय की ओर से बादली में स्नातक के लिए साइंस विषय शुरू किया गया है। मगर इसमें शर्त यह भी है कि इसके लिए निर्धारित सीटें भी पूरी होनी चाहिए। हालांकि कालेज में साइंस विषय शुरू होने से क्षेत्र के छात्रों में खुशी है क्योंकि इस बार कालेज में साइंस के लिए अलग से प्रयोगशालाएं भी बना दी गई हैं।

छात्रों के एडमिशन को जब से ऑनलाइन किया गया है तभी से साइबर कैफे संचालकों की बल्ले-बल्ले हो रही है। एडमिशन फार्म ऑनलाइन भरने के लिए साइबर संचालक 40-50 रुपए ले रहे हैं।

बादली स्थित साइबर कैफे संचालक मनीष कुमार का कहना है कि छात्रों से मात्र 50 रुपए फीस ली जा रही है। वैसे भी कॉलेज प्राचार्य एसएन शर्मा ने कैफे संचालकों के साथ बैठक कर सहयोग की अपील की है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें