बहादुरगढ़। अबकी बार सेक्टरवासियों को पानी की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से सेक्टर-7 में स्थित जलघर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके बाद सेक्टरवासियों की पानी की समस्या दूर हो जाएगी। इसके लिए 84 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह राशि खर्च करने के बाद दो मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चालू कर दिया जाएगा। इस पर काम शुरू हो गया है।
प्लांट चालू होने के बाद प्रतिदिन पानी सप्लाई की क्षमता 22 एमएलडी से बढ़कर 30 एमएलडी हो जाएगी और लोगों को पानी की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। खास बात यह है कि इससे न केवल वर्तमान में सेक्टरों को बल्कि भविष्य में बनने वाले नए सेक्टरों में भी पानी की समस्या नहीं रहेगी। एचएसवीपी की ओर से प्लांट को चालू करने के लिए टेंडर लगाया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्लांट में 15-15 एचपी के दो सबमर्सिबल मोटर पंप सैट भी लगाए जाएंगे। ऐसे में गर्मियों में पेयजल के लिए परेशानी नहीं आएगी।
इन सेक्टरों में की जाती है एचएसवीपी की ओर से पानी की सप्लाई
बहादुरगढ़ में एचएसवीपी की ओर से 14 सेक्टरों में पानी की सप्लाई की जाती है। इनमें सेक्टर-2, 4बी, 6, 7, 9, 9ए, 10, 11, 12, 13, 14, 14बी, 15, 36 व 37 शामिल हैं। इन सेक्टरों में प्रतिदिन 22 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) के अनुसार पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। ऐसे में सेक्टर-28, 29, 35, 36 और 37 के निवासियों की ओर से बार-बार शिकायत की जा रही है कि उन्हें गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इन सेक्टरों को पानी देने के लिए एचएसवीपी के पास सेक्टर-7 स्थित जलघर में फिलहाल पांच एमजीडी क्षमता का ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट है। दो एमजीडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कई सालों से खराब पड़ा है। इसी समस्या को दूर करने के लिए एचएसवीपी की ओर से दो एमजीडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की मरम्मत करने का एस्टीमेट तैयार किया। जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू हो जाएगा। इसके बाद लोगों की पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
शहर के सेक्टर-7 में स्थित जलघर में दो एमजीडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट चालू किया जाएगा। इसकी मरम्मत के लिए 84 लाख की राशि खर्च की जाएगी। इस प्लांट के चालू होने से पानी की सप्लाई की क्षमता 22 एमएलडी से बढ़कर 30 एमएलडी हो जाएगी। इससे लोगों को पानी की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। जल्द ही इस पर कार्य शुरू होगा।
-कृष्ण मलिक, उपमंडल अभियंता, एचएसवीपी बहादुरगढ़।