झज्जर। कोरोना से बचाव के लिए करीब तीन माह पूर्व में बंद हुए शिक्षण संस्थान शुक्रवार से खुल जाएंगे। नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी पढ़ाई नियमित रूप से करने के लिए स्कूल आ सकेंगे। इसके लिए अभिभावकों की स्वीकृति अनिवार्य होगी। जिले के 417 वरिष्ठ माध्यमिक व उच्च विद्यालयों में नौंवीं से बारहवीं तक के 48970 बच्चे स्कूलों में पहुंचेंगे। जिससे काफी दिनों से सुनसान पड़े स्कूलों में रौनक लौटेगी।
हालांकि 23 जुलाई से छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी भी स्कूलों में पहुंचेंगे। इसके लिए सभी स्कूलों के मुखियाओं व अधिकारियों की बैठकों का आयोजन जिला व क्लस्टर लेवल पर किया जा चुका है। जिसमें स्कूल संचालकों, प्राचार्यों व अन्य स्टाफ को कोरोना से बचाव के लिए क्या तैयारियां करनी हैं इसके बारे में भी जानकारी दे दी गई है। स्कूल में पहुंचने वाले हर बच्चे की गेट पर स्क्रीनिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थी को बैठाने की व्यवस्था की गई है। सभी कमरों में सैनिटाइजर का छिड़काव स्कूलों की तरफ से करवाया गया है। इसके अलावा स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर, मास्क की भी व्यवस्था की गई है, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। सरकार की तरफ से लॉक डाउन लागू होने से पहले ही शिक्षण संस्थाओं को बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। जिले में करीब 417 निजी व सरकारी स्कूल हैं।
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स्कूलों की स्थिति
सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय : 134
प्राइवेट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय : 133
राजकीय उच्च विद्यालय : 42
निजी उच्च विद्यालय : 102
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विद्यार्थियों की स्थिति एमआईएस पोर्टल के अनुसार
कक्षा विद्यार्थी सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूल
नौवीं 5513 8002
दसवीं 5591 8621
ग्यारहवीं 6635 2878
बारहवीं 5667 6163
कुल 23306 25664
खुल चुके हैं कॉलेज
जिले के कॉलेज 14 जुलाई से खुल चुके हैं। विद्यार्थियों की परीक्षा से पूर्व प्रैक्टीकल का शेड्यूल महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की डाला जा चुका है। इसके लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन परीक्षा के विकल्प भी दिए गए हैं। उसके अनुसार ही विद्यार्थी कॉलेजों में पहुंच रहे हैं। वहीं बच्चों के कक्षाओं के अनुसार प्रैक्टीकल करवाने भी शुरू कर दिए गए हैं।
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वर्जन
स्कूलों में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। स्कूलों में कक्षाएं लगाई जाएंगी ताकि वे पढ़ाई निरंतर रूप से हो सके। सरकार की तरफ से जारी निर्देशों की पालना करनी आवश्यक है। सभी स्कूलों को एसओपी से अवगत करा दिया गया है।
- बीपी राणा, जिला शिक्षा अधिकारी, झज्जर।