हरियाणा में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय सरकार ने बढ़ा दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है। पत्र के अनुसार 10 साल से अधिक अनुभव रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब 14 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। उनका मानदेय 1339 रुपये बढ़ाया गया है। पहले उनको 12 हजार 661 रुपये मानदेय दिया जा रहा था। इसी प्रकार से 10 साल से कम अनुभव रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब 12 हजार 500 रुपये मानदेय दिया जाएगा। पहले उनको 11 हजार 401 रुपये मानदेय दिया जाता था। उनके मानदेय में 1099 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 12 हजार 500 रुपये का मानदेय मिलेगा। पहले उनको 11 हजार 401 रुपये मानदेय मिलता था। उनके मानदेय में भी 1099 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा आंगनबाड़ी सहायिकाओं को अब 7500 रुपये मानदेय दिया जाएगा। पहले उनको 6781 रुपये मानदेय मिलता था। उनके मानदेय में 719 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह मानदेय एक दिसंबर 2023 से बढ़ाया गया है। यहां बता दे कि 18 नवंबर को मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसकी सहमति वित्त विभाग ने प्रदान की। उसके बाद अब यह आदेश लागू हो गए हैं।
हड़ताल के दौरान काटा गया मानदेय भी वापस मिलेगा
वर्ष 2021-22 के दौरान हड़ताल पर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का काटा गया मानदेय भी उन्हें वापस दिया जाएगा। इसके आदेश भी मुख्यालय ने जारी किए हैं। आदेश के तहत 29 दिसंबर 2021 से पूर्व हड़ताल पर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानदेय 25 प्रतिशत की कटौती और 29 दिसंबर 2021 से अप्रैल 2022 तक हड़ताल पर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय 75 प्रतिशत कटौती करके दिया गया था।
ऐसे में अब 29 सितंबर 2021 (हड़ताल के दौरान की अवधि) से पूर्व हड़ताल पर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में से 100 रुपये प्रति माह की कटौती और 29 दिसंबर 2021 से अप्रैल 2022 तक (हड़ताल के दौरान की अवधि) हड़ताल पर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में से 200 रुपये प्रति माह की कटौती की जाएगी और बकाया मानदेय जारी किया जाएगा।
अधिकारी के अनुसार
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के बढ़े हुए मानदेय का पत्र जारी हो चुका है। यह दिसंबर 2023 से लागू होगा। इसके अलावा हड़ताल के दौरान कटे मानदेय को लेकर भी निर्देश आ चुके हैं।
-उर्मिल सिवाच, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, झज्जर।