बेरी। जम्मू के उधमपुर आर्मी कैंट में हुए भीषण सड़क हादसे में बेरी के गांव धौड़ की महिला कैप्टन नविता राजन की मौत हो गई। मृतका नविता 12 मार्च 2016 को चेन्नई से ट्रेनिंग कर पासआउट हुई थी। इन दिनों उसकी पोस्टिंग जम्मू के उधमपुर में थी। नविता राजन के शव के साथ आए सेना के जवानों ने बताया कि रविवार देर रात जम्मू के उधमपुर में सड़क हादसे में महिला कैप्टन नविता की मौत हो गई थी। कैप्टन नविता राजन का शव सोमवार को उनके गांव में पहुंचा, जहां सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। नविता के अंतिम संस्कार में जिला प्रशासन की तरफ से बेरी एसडीएम राहुल नरवाल, तहसीलदार सुदेश महेरा, बीडीपीओ राजपाल चहल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान सेना और पुलिस की गार्द ने संयुक्त रूप से सलामी दी। मातमी धुन के साथ महिला कैप्टन के शव का अंतिम संस्कार किया गया। नविता के पिता सुरेंद्र ने बताया कि कैप्टन नविता राजन काफी मिलनसार थी और शुरू से ही मेहनती व कर्मठ थी और अपनी मेहनत के बल पर ही उसने सेना में कैप्टन का पद हासिल किया था। नविता की मौत पर परिजनों के अलावा गांव के लोग भी काफी दुखी नजर आए।
जयपुर से की थी पढ़ाई
नविता ने पहली कक्षा की पढ़ाई गांव से की थी और उसके बाद जयपुर में पढ़ाई करने के लिए चली गई। 2008 में सोफिया स्कूल जयपुर से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसमें उसे 80 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। इसके बाद 2010 में इडिया इंटरनेशनल स्कूल जयपुर से 12वीं में 79 प्रतिशत अंक के साथ पास की। इसके बाद 2013 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री 56 प्रतिशत अंक के साथ प्राप्त की। उसके बाद मद्रास में मास्टर इकोनॉमिक्स मेें चयन हुआ। फिर बाद देश सेवा का इतना जुनून था कि उसने आर्मी ज्वाइन कर लिया।
दादा के सपने को किया था पूरा
कैप्टन नविता राजन के पिता सुरेंद्र बताया कि दादा मांगेराम का सपना था कि उनकी पोती आर्मी में भर्ती होकर देश करे। दादा के इसी सपने को मन में संजोकर उसने आर्मी ज्वाइन कर लिया। 12 मार्च 2016 को उसकी ट्रेनिंग पूरी हुई और 2 अप्रैल को ड्यूटी ज्वाइन की थी।