फोटो 02: सोनीपत बस अड्डे पर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताते रोडवेज कर्मचारी। स्रोत: यूनियन
सोनीपत। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को बस अड्डे पर रोडवेज कर्मियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने महाप्रबंधक कार्यालय में परिवहन मंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा और चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने समस्याओं का समाधान नहीं किया तो प्रदेशभर के कर्मचारी 18 जनवरी 2026 को अंबाला छावनी में परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास पर न्याय मार्च निकालेंगे।
मोर्चा के सदस्य रामपत गोरड़, संजय, संजीव और मनजीत पहल ने बताया कि प्रदेश सरकार रोडवेज विभाग की ओर ध्यान नहीं दे रही है। आम आदमी, व्यापारी, विद्यार्थियों की पसंद सस्ती एवं सुरक्षित परिवहन सेवा दिन प्रति दिन पूंजीपतियों के हाथों में सौंपी जा रही हैं। योजना के तहत ई-बसों व किलोमीटर स्कीम की बसों को विभाग में शामिल किया जा रहा है।
ये बसें रोडवेज विभाग को बड़े घाटे की ओर ले जा रही हैं। सरकारी बसों को चलाने के लिए चालकों व परिचालकों की कमी है। कार्यशाला में बसों की मरम्मत के लिए कर्मचारी न के बराबर हैं। ऐसे में कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोर्चा के सदस्य अनिल बड़ौली ने बताया कि प्रदेश सरकार के पास किलोमीटर स्कीम की बसों को कोरोना में खड़ी बसों को करोड़ों देने का बजट है।
दूसरी ओर आम जनता की सेवा करने वाले रोडवेज कर्मचारियों से अधिक कार्य लेकर बहुत कम वेतनमानों पर गुजारा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सरकार उनकी मांगों को जायज मानकर समझौता कर रही है, परंतु लागू नहीं कर रही।