24jjrp14- निमली से दादरी की तरफ जाने वाला मुख्य मार्ग। संवाद
साल्हावास। मातनहेल तहसील परिसर के पास से होते हुए वाया निमली-बिरोहड सड़क 458.18 लाख में बनकर तैयार होगी। यह सड़क नाबार्ड योजना के तहत बनाई जाएगी। सड़क निर्माण से मातनहेल, निमली व बिरोहड़ सहित चरखी दादरी को जाने वाले लोगों की यात्रा भी सुगम होगी। मातनहेल गांव में दस हजार और निमली गांव में लगभग साढ़े तीन हजार लोगों की आबादी है। बिरोहड में लगभग आठ हजार की आबादी है। इससे लगभग 22 हजार लोगों को सीधे तौर पर फायदा होगा।
यह सड़क झज्जर जिले के अंतिम गांव बिरोहड़-कालियावास को जोड़ते हुए चरखी दादरी जिले में प्रवेश करती है। सड़क की लंबाई लगभग 6 किलोमीटर की है। दशकों पूर्व बनी सड़क की हालत वर्तमान में खस्ता है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिरोहड़ गांव के लोग भी प्रतिदिन मातनहेल तहसील में जाने के लिए व जिला मुख्यालय झज्जर में पहुंचने के लिए इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। दोनों जिलों को जोड़ने वाली सड़क पर चरखी दादरी के निमली गांव में गहरे गड्ढे बने हुए थे। इससे राहगीर काफी लंबे समय से परेशान थे।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
बिरोहड गांव के पूर्व सरपंच प्रदीप सहरावत, मातनहेल सरपंच विजय लता व सरपंच प्रतिनिधि कैप्टन बिजेंद्र, बिरोहड़ सरपंच सोनिया का कहना है कि लोगों को यहां से आने-जाने में लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वाहन भी हिचकोले खाते हुए जाते थे। यह सड़क एक दशक पहले बनी थी। कई वर्षों से सड़क पर पैचवर्क भी नहीं हुआ था। लिंक रोड होने के कारण अधिकारी इस सड़क की अनदेखी कर रहे थे। ग्रामीण लगातार इस सड़क के बनाने की मांग करते रहे हैं। यह मातनहेल से वाया निमली, बिरोहड़, चरखी दादरी की तरफ जाने वाले जाने वाली लिंक सड़क है।
इस सड़क के लिए एक सप्ताह में टेंडर लगना है और उसके बाद लगभग एक महीने में काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए 458.18 लाख की राशि खर्च की जानी है।
- सुमित कोहाड, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग झज्जर