निचले इलाकों में बरसात के दौरान अक्सर जलभराव की समस्या होती है। नगर परिषद की ओर से आधुनिक तकनीक से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जा रहे हैं जिससे बारिश का पानी सड़कों और कॉलोनियों में जमा होने की बजाय सीधे भूजल स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
शहर के 25 प्रमुख स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं जिन पर करीब 80 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। यह बरसाती सीजन से पहले तैयार होंगे। धर्म विहार, मॉडल टाउन, सेक्टर-6, झील मोहल्ला, बाघ वाला मोहल्ला, मांडौठी बाजार और अन्य निचले इलाकों को प्राथमिकता में रखा गया है।
इन क्षेत्रों में लंबे समय से बारिश के दिनों में गलियों और मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने की शिकायतें मिलती रही हैं। यहां पर डेढ़ से तीन फीट तक पानी भर जाता है जिसे निकलने में काफी समय लगता है।
इन सिस्टमों को भूजल स्तर तक आधुनिक तकनीक से डिजाइन किया गया है ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। इससे एक ओर जहां जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी वहीं दूसरी ओर भूजल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है।
नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया कि सभी 25 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आने वाले बरसाती सीजन से पहले बनकर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जलभराव से निजात मिलेगी और शहर की सड़कों पर पानी जमा नहीं होगा जिससे लोगों की परेशानियां दूर होंगी।