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झज्जर में 22 एमएम बारिश, दुकानों में घुसा पानी

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शहर में मानसून की पहली बारिश रविवार को दोपहर बाद हुई तो नगरपालिका के उन तमाम दावों की पोल खुल गई, जिनमें कहा गया था कि मानसून सीजन से पहले नालों की सफाई हो जाएगी। शहर में रविवार को करीब 22 एमएम बारिश हुई। कूड़े से जाम हुए नालों की वजह से पानी की निकासी नहीं हो सकी। इसके चलते शहर में जलभराव के हालात बन गए। देर शाम तक जलभराव की स्थिति से शहर को निजात नहीं मिल सकी। इससे शहर के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में बारिश के कारण हुए जलभराव से दुकानों में भी पानी घुस गया। इस एरिया में करीब दो फीट तक पानी खड़ा हो गया। इसके चलते दुकानदारों का काफी नुकसान हुुआ है। देर रात तक दुकानदार पानी निकालने में लगे रहे। वहीं शहर की छारा चुंगी, सिलानी गेट के बाजार एरिया, बेरी गेट एरिया व बीकानेर चौक क्षेत्र में लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा।
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स्टेडियम में नहीं हो सकेगा अभ्यास
बारिश के कारण स्टेडियम में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। इसके चलते अब स्टेडियम में काफी दिन तक खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाएंगे। स्टेडियम में पानी निकासी के उचित प्रबंध नहीं होने के कारण हर साल मानसून सीजन में खिलाड़ियों को इस परेशानी से जूझना पड़ता है। वहीं सामान्य अस्पताल परिसर की पुरानी बिल्डिंग एरिया में जलभराव हो गया है। इससे कंडम हो चुके भवन के गिरने का भी खतरा बन गया है।
नालों की सफाई पर 18 लाख खर्च
शहर में नालों की सफाई पर नपा की ओर से 18 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन इसका शहर के लोगों को कोई फायदा भी नहीं मिल पा रहा। क्योंकि हर बार नपा नालों की सफाई के लिए टेंडर बारिश का मौसम सिर पर आने के बाद ही करता है। इसके चलते नपा के लाखों खर्च होने का लाभ शहर के लोगों को नहीं मिलता।
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सफाई कार्य करीब 70 फीसदी पूरा हो चुका है। तेजी से नालों की सफाई का कार्य पूरा करवाया जाएगा ताकि शहर के लोगों को कोई समस्या न आए।
नरेंद्र सैन, नपा सचिव, झज्जर।
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