शहर में हुई मानसून की पहली बारिश में ही प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। रविवार को बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इस दौरान दोपहर साढ़े बारह बजे से लेकर दो बजे तक 62.8 एमएम बारिश दर्ज की गई है। शहर के रेलवे रोड, झज्जर रोड, पॉश इलाका सेक्टर-6 सभी जगह एक से डेढ़ फुट तक पानी भर गया है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं मानसून से पहले नगर परिषद के अधिकारियों को अमर उजाला की तरफ से कई बार ध्यान दिलाया गया, लेकिन अधिकारी हां-हां जी करते रहे। लेकिन जब बारिश हुई तो गंदगी से भरे नाले ओवरफ्लो हो गए। शहर की लगभग सभी सड़कें और निचली कॉलोनियों में पानी भर गया। वहीं, हर साल बारिश में जलभराव हो जाता है और नगर परिषद की सरकारी फाइलों में नालों की सफाई पर करोड़ों खर्च कर दिए जाते हैं। बजट खर्च करने के बावजूद जलभराव होने से अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
इन स्थानों पर हुआ जलभराव
रविवार को हुई बारिश में पानी निकासी के सही इंतजाम न होने से नगर परिषद के दावे हवा हो गए। रेलवे रोड, संत कॉलोनी, टीचर कॉलोनी के अलावा लालचंद कॉलोनी, अनाज मंडी, अग्रवाल कॉलोनी, बराही रोड, महाबीर पार्क, नेहरू पार्क, मांडोठी बाजार, शक्ति नगर, देव नगर, छोटूराम नगर, लाइनपार के विकास नगर, नेता जी नगर, शास्त्री नगर, सब्जी मंडी में पानी भर गया। पॉश इलाके भी पानी से अछूते नहीं रहे। झज्जर रोड पर बादली चुंगी के नजदीक बने तिराहे पर तो बारिश के बाद किसी तालाब जैसा नजारा रहा। वहीं शहर के सिविल अस्पताल, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन पर भी जलभराव हो गया।
62.8 एमएम बारिश से फसलों को काफी फायदा हुआ है। इसमें मुख्य रूप से धान की फसल को संजीवनी मिली है। इन दिनों धान की फसल को पानी की बहुत जरूरत है। रविवार को हुई 62.8 एमएम बारिश फसलों के लिए लाभदायक रही। संभावना है कि अगले दिनों में और बारिश होगी।
सुनील कौशिक, एसडीओ, कृषि विभाग।