बहादुरगढ़। कई दिनों से आसमान में बादल उमड़-घुमड़ रहे हैं, लेकिन बिना बरसे ही आगे निकल रहे हैं। बारिश न होने के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। बहादुरगढ़ और बादली क्षेत्र में लगभग 19 हजार हेक्टेयर में किसानों ने धान की फसल की बुआई की हुई है। अब फसल में पानी की बेहद जरूरत है, लेकिन बारिश न होने के कारण किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है।
किसान लगातार इंद्र देव से बहादुरगढ़ क्षेत्र में बरसने की उम्मीद लगा रहे हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में जुलाई के महीने में 162 मिलीमीटर बारिश हुई थी, लेकिन इस बार बारिश बेहद कम है। जुलाई का महीना बीत रहा है। बारिश न होने के कारण गर्मी और उमस से जहां जनजीवन बेहाल है। वहीं खेतों में खड़ी धान की फसल में पानी की जरूरत को लेकर किसान भी खासे परेशान हैं।
निलौठी गांव के किसान रामबीर सिंह, बामड़ोली के सुखबीर सिंह, नूना माजरा के किसान सूरत सिंह, रणबीर सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने खेतों में धान की फसल लगाई है, लेकिन बारिश न होने के कारण फसल सूख रही है। यदि बारिश नहीं होती है तो उन्हें काफी आर्थिक नुकसान होगा और फसल भी अच्छी नहीं होगी। वे लगातार इंद्र देव से क्षेत्र में बरसने की मिन्नतें कर रहे हैं।
रोज सुबह से शाम तक आसमान काले बादलों से जरूर घिर जाता है, लेकिन बादल बिना बरसे ही आगे निकल जाते हैं। जुलाई के महीने में बारिश होती है तो फसल बेहद अच्छी हेागी। बारिश न होने के कारण उन्हें ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ेगा। इससे आर्थिक बोझ बढ़ेगा। शनिवार को भी सुबह से शाम तक मौसम बदलता रहा। कभी आसमान साफ हुआ तो कभी काले बादल छा गए, लेकिन बरसे नहीं। कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. सुनील कौशिक ने बताया कि वर्ष 2023 में बहादुरगढ़ क्षेत्र में 162 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी, लेकिन इस बार अभी तक कुल 102 एमएम बारिश हुई है। यह फसलों के लिए नाकाफी है।