कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश गांव खरहर की हरिजन बस्ती के लिए मुसीबत बन कर आई है। पानी की निकासी न होने और बस्ती से सड़क पर निकलने का सुगम रास्ता न होने के कारण यहां के कई परिवार बेहद परेशान हैं। ये परिवार सरकार व प्रशासन के हर दरवाजे पर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। खरहर की हरिजन बस्ती के साथ वाली गली घरों के लेवल से पांच-छह फुट तक ज्यादा ऊंची है। जिसकी वजह से इन लोगों को बस्ती से सड़क पर सामान लेकर ही नहीं खाली चढ़ना-उतरना भी मुश्किल हो जाता है।
पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के कारण तो इन छह से ज्यादा परिवारों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। घरों में पानी भर गया है। लोगों का सामान खराब हो रहा है। प्रभावित घरों में रामेश्वर, सतपाल, फूल कंवार, इंद्र, सूरजभान, राज सिंह, गुलाब सिंह व राजेंद्र शामिल हैं।
यह समस्या वर्ष-1999 से है। हर साल बारिश के दिनों में बस्ती में एक से तीन फुट तक पानी जमा हो जाता है। कई-कई दिनों तक बरसाती पानी जमा होने के कारण बीमारी फैलने की आशंका रहती है। सांप आदि खतरनाक जानवर निकल आने का भय बना रहता है।
अधिकारी नहीं कर रहे सुनवाई
पीड़ित परिवारों ने सड़क का लेवल उनके घरों के मुताबिक सही करने और पानी की निकासी के उचित इंतजाम करने की मांग की है। सतपाल ने बताया कि वे अपनी समस्या को लेकर वर्षों से खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, उप मंडल अधिकारी (ना.), उपायुक्त व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के दरवाजे पर दस्तक दे चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। सीएम विंडो पर दरखास्त देकर भी समस्या का समाधान कराने की प्रार्थना की है। बीडीओ से बार-बार निवेदन के बाद गत 14 जून को ग्राम सचिव मौके पर पहुंचे लेकिन समस्या का समाधान कुछ नहीं हुआ।
बीडीपीओ केवल आश्वासन देते हैं और उन्हें टरका देते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ प्रभावशाली ग्रामीणों के दबाव में अधिकारी उनके साथ नाइंसाफी कर रहे हैं।